श्रीगोंदा में प्रस्तावित “हिंदू सम्मेलन” का बहुजन संगठनों ने किया विरोध,प्रशासन को दी चेतावनी

अहिल्यानगर : श्रीगोंदा में 15 मार्च को आयोजित होने वाले “हिंदू सम्मेलन” कार्यक्रम का बहुजन संगठनों ने तीव्र विरोध किया है। संभाजी ब्रिगेड,आरपीआई (A), वंचित बहुजन आघाड़ी, सत्यशोधक समाज सहित विभिन्न बहुजन संगठनों ने संयुक्त पत्रकार परिषद आयोजित कर प्रशासन को चेतावनी दी। इस संबंध में श्रीगोंदा पुलिस स्टेशन में एक निवेदन भी सौंपा गया पत्रकार परिषद में बोलते हुए संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि “हिंदू सम्मेलन” के नाम पर समाज में नफरत फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर हिंदू एकता की बात की जाती है,जबकि दूसरी ओर समाज में जातियों के बीच दीवारें खड़ी की जा रही हैं। इस दोहरे व्यवहार को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठनों ने कुछ व्यक्तियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी भूमिका “मुंह में राम और बगल में छुरी” जैसी है। एक तरफ हिंदू एकता की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ संतों की स्मृतियों का अपमान किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संत रोहिदास महाराज की समाधि पर शौचालय बनाने जैसे कृत्य से समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। संगठनों ने कहा कि श्रीगोंदा संत परंपरा और सामाजिक सद्भाव की भूमि है। यहां संत शेख मोहम्मद महाराज ने हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया था। इसलिए इस पवित्र भूमि पर धर्म के नाम पर समाज में तनाव पैदा करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पत्रकार परिषद में यह भी कहा गया कि हभप रामगिरी महाराज के कुछ कथित भड़काऊ बयानों को लेकर राज्य के विभिन्न स्थानों पर करीब 17 पुलिस थानों में मामले दर्ज होने की चर्चा है। ऐसे में यदि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता है तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। फिलहाल मुस्लिम समाज का पवित्र रमजान महीना चल रहा है, इसलिए माहौल संवेदनशील है।

बहुजन संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि आवश्यकता होने पर “हिंदू सम्मेलन” कार्यक्रम पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से की जाए और मुख्य वक्ताओं से यह लिखित आश्वासन लिया जाए कि वे किसी प्रकार का भड़काऊ या समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बयान नहीं देंगे। यदि कोई द्वेषपूर्ण भाषण देता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया जा ए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए।

संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो बहुजन समाज लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र आंदोलन करेगा। इस मौके पर आरपीआई (A) के जिलाध्यक्ष निलेश गायकवाड, संभाजी ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष अरविंद कापसे, जिल्हा उपाध्यक्ष नानासाहेब शिंदे, जिल्हा कार्याध्यक्ष सुनील ढवळे, जिल्हा संगठनकर्ता मुकुंद सोनटक्के, गणेश पारे, वंचित बहुजन आघाड़ी के जिल्हा महासचिव प्रसाद भिवसने, तालुका अध्यक्ष संतोष जवंजाळ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। आरपीआई (A) के जिलाध्यक्ष निलेश गायकवाड ने चेतावनी दी कि यदि कार्यक्रम में समाज में तनाव पैदा करने वाला या भड़काऊ बयान दिया गया तो पार्टी कार्यकर्ता हभप रामगिरी महाराज के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।

राष्ट्रगान को लेकर मांग:

संभाजी ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष अरविंद कापसे ने कहा कि यदि कार्यक्रम में राष्ट्रगान का सम्मान नहीं किया गया या संत शेख मोहम्मद महाराज की भूमि पर सामाजिक वैमनस्य फैलाने की कोशिश हुई, तो संगठन कड़ा आंदोलन करेगा।

रिपोर्टर : अमर घोडके

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.