एक पिता की जिंदगी के लिए जंग! पैसों की कमी से रुकी सर्जरी
अहिल्यानगर : इंसान की जिंदगी कितनी अनिश्चित होती है, इसका जीता-जागता उदाहरण श्रीगोंदा के संदीप बजरंग घोडके हैं। महज 40 साल की उम्र परिवार में दो छोटी बेटियां, एक बेटा और पत्नी। हंसता-खेलता परिवार,लेकिन साल 2023 से इस परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। संदीप की दोनों किडनियां खराब हो गईं और यहीं से शुरू हुआ संघर्ष का एक दर्दनाक सफर। संदीप अपने परिवार के इकलौते सहारा हैं। बीमारी से जूझते हुए भी वे आज तक काम कर रहे हैं, सिर्फ इस सोच के साथ कि “मेरे बच्चों को भूखा नहीं रहना चाहिए।” लेकिन अब बीमारी गंभीर हो चुकी है। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है। 24 अप्रैल 2026 को सर्जरी की तारीख भी तय हो चुकी थी, लेकिन लाखों रुपये का खर्च न जुट पाने के कारण उन्हें छत्रपति संभाजीनगर के अस्पताल से वापस लौटना पड़ा। मीडिया से बात करते हुए संदीप भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मुझे मरने से डर नहीं लगता, लेकिन मेरे बाद मेरे छोटे बच्चों का क्या होगा? उनकी पढ़ाई, उनका पालन-पोषण कौन करेगा? मैं ही उनका सहारा हूं, लेकिन आज मैं खुद ही लाचार हो गया हूं।” उनका यह सवाल हर संवेदनशील इंसान को सोचने पर मजबूर कर देता है।
संदीप के कुछ दोस्तों और सामाजिक संस्थाओं ने मदद की कोशिश की है, लेकिन सर्जरी का खर्च बहुत ज्यादा है। श्रीगोंदा तालुका हमेशा से इंसानियत के लिए जाना जाता है। यहां के दानदाता, व्यापारी, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों से विनम्र अपील है कि “एक मदद का हाथ” आगे बढ़ाएं। आपकी छोटी सी मदद इस परिवार का सहारा बन सकती है और उन तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया बचा सकती है। आप अपनी सहायता सीधे संदीप के बैंक खाते में भेज सकते हैं:
बैंक का नाम: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
नाम: श्री संदीप बजरंग घोडके (Mr. SANDIP BAJRANG GHODAKE)
खाता नंबर: 34467623807
IFSC कोड: SBIN0000295
आपका एक छोटा सा योगदान, संदीप को नई जिंदगी दे सकता है। कृपया इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
रिपोर्टर :अमर घोडके
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