अफवाहों से सावधान रहें;ओंकार उद्योग समूह का स्पष्टीकरण,गन्ना भुगतान जल्द होगा पूरा

अहिल्यानगर : ओंकार शुगर फैक्ट्री उद्योग समूह राज्य में किसानों को सर्वाधिक बाजार भाव देने वाला अग्रणी समूह है और वर्तमान में 17 शुगर फैक्ट्रियां सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है। इसके अलावा कर्नाटक, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में भी इस समूह के कारखाने चल रहे हैं। इस वर्ष लगभग 75 लाख टन गन्ने का गाळप (क्रशिंग) किया गया है और चालू सीजन में 1 करोड़ टन गन्ना गाळप का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी ओमराजे बोत्रे पाटील ने दी।

समूह के साथ करीब 18 हजार कामगार, हजारों परिवहन साधन, 2.95 लाख चालक और संबंधित कामगार तथा लगभग 8 लाख किसान जुड़े हुए हैं। कई वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू कर कुशल प्रबंधन और सुदृढ़ प्रशासन के माध्यम से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। मा. बाबुराव बोत्रे पाटील के नेतृत्व में किसानों, कामगारों और परिवहनकर्ताओं को समय पर भुगतान देने की परंपरा कायम रखी गई है।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के माध्यम से ओंकार उद्योग समूह और बोत्रे पाटील की छवि खराब करने के उद्देश्य से भ्रामक और झूठी जानकारी फैलाए जाने के मामले सामने आए हैं। 2 से 3 हजार करोड़ रुपये बकाया होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। राज्य के 140 शुगर कारखानों में 15 जनवरी के बाद की लगभग 2100 करोड़ रुपये की FRP बकाया है, ऐसा भी उन्होंने स्पष्ट किया।

ओंकार समूह के 17 कारखानों द्वारा अब तक 1830 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि परिवहनकर्ताओं को 710 करोड़ रुपये दिए गए हैं। चालू सीजन के अंत तक समूह का टर्नओवर 6 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है और अगले वर्ष यह 7 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

केंद्र सरकार की नई एथेनॉल नीति के कारण इस वर्ष का एथेनॉल और मोलासेस अभी तक बेचा नहीं जा सका है, जिससे लगभग 600 करोड़ रुपये प्राप्त होना बाकी है। इसी कारण गन्ना भुगतान में लगभग एक महीने की देरी हुई है। हालांकि अगले सप्ताह तक किसानों, कामगारों और परिवहनकर्ताओं का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा, ऐसा आश्वासन दिया गया है।

इस बीच, अफवाह फैलाने और समूह की बदनामी करने वालों के खिलाफ राज्यभर में कई स्थानों पर मामले दर्ज किए गए हैं और उन पर मानहानि के दावे भी किए जाएंगे।

ओंकार उद्योग समूह की ओर से सभी किसानों, कामगारों और परिवहनकर्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और अधिकृत जानकारी के लिए सीधे संबंधित कारखाने से संपर्क करें।

रिपोर्टर : अमर घोडके

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