श्रीगोंदा पुलिसकर्मियों की मारपीट की अफवाह; हंसी-मजाक के दौरान गलतफहमी होने का खुलासा

अहिल्यानगर : श्रीगोंदा पुलिस थाने में दो पुलिस कर्मचारियों के बीच जोरदार मारपीट होने की चर्चा पिछले 24 घंटे से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। इससे पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, संबंधित पुलिस कर्मचारियों के बयान के अनुसार उनके बीच कोई मारपीट या गंभीर विवाद नहीं हुआ था। हंसी-मजाक के दौरान आवाज तेज होने के कारण गलतफहमी पैदा होने की बात सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार (दि.18) को ड्यूटी समाप्त कर घर जा रहे पुलिस कर्मचारी संभाजी गर्जे और गेट पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी संदीप राऊत के बीच रोज की तरह हंसी-मजाक चल रहा था। इसी दौरान दोनों की आवाज कुछ तेज हो गई। इसे देखकर आसपास मौजूद कुछ लोगों को दोनों के बीच विवाद या मारपीट होने का आभास हुआ। इसके बाद दोनों कर्मचारियों ने कंपनी चालक कक्ष में बैठकर वरिष्ठ अधिकारी सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (सपोनि) वाघ की मौजूदगी में आपस में चर्चा की और गलतफहमी दूर की।

वरिष्ठ अधिकारियों के सामने दर्ज किए बयान:

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चर्चा को गंभीरता से लेते हुए श्रीगोंदा पुलिस थाने के प्रभारी सपोनि वाघ ने संबंधित पुलिस कर्मचारी संदीप राऊत और संभाजी गर्जे को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। दोनों कर्मचारियों द्वारा दिए गए लिखित बयान में उनके बीच किसी भी प्रकार की मारपीट अथवा झगड़ा होने से इनकार किया गया है। दोनों ने बताया कि ड्यूटी समाप्त होने के बाद हंसी-मजाक के दौरान आवाज तेज होने से गलतफहमी पैदा हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में चर्चा के बाद यह गलतफहमी दूर हो गई तथा दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत नहीं होने की बात स्पष्ट की।

अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील:

पुलिस प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी घटना की सत्यता की पुष्टि किए बिना सोशल मीडिया पर संदेश पोस्ट या फॉरवर्ड न करें। अधूरी जानकारी के आधार पर अफवाह फैलने से नागरिकों में अनावश्यक भ्रम पैदा हो सकता है। इसलिए केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करने का आह्वान किया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुई मारपीट की चर्चा को संबंधित कर्मचारियों के बयानों से अलग रूप मिला है, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। कर्जत विभाग के पुलिस उपअधीक्षक सुजितकुमार क्षीरसागर ने पत्रकारों को बताया कि, “इस पूरे मामले की जांच चल रही है। यह घटना निजी कारणों से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी विस्तृत जानकारी जुटाने और जांच करने का काम जारी है।”

रिपोर्टर : अमर घोडके

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