सिर्फ हजार रुपये में टॉपर!चीन का AI चीटिंग चश्मा, नकल का हाई-टेक तरीका
चीन में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक नई तरह की समस्या सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब कुछ छात्र परीक्षा में नकल करने के लिए ऐसे स्मार्ट AI चश्मों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो दिखने में बिल्कुल सामान्य चश्मों जैसे होते हैं, लेकिन अंदर कैमरा, माइक्रोफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम छिपा होता है।
ये डिवाइस सवाल को स्कैन करके तुरंत उसका जवाब तैयार कर देते हैं और उसे सीधे लेंस पर दिखा देते हैं या आवाज के जरिए सुनाते हैं। कुछ मामलों में ये AI टूल्स ChatGPT जैसे मॉडल्स से जुड़े होते हैं। बताया जा रहा है कि कई छात्र इन्हें ऑनलाइन सेकंड-हैंड प्लेटफॉर्म जैसे मार्केटप्लेस से किराए पर ले रहे हैं और इसके लिए रोजाना लगभग 40 से 80 युआन तक खर्च कर रहे हैं।
शेन्ज़ेन के एक कारोबारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में उन्होंने हजारों की संख्या में ऐसे AI स्मार्ट ग्लासेस किराए पर दिए हैं, जिनमें ज्यादातर ग्राहक छात्र थे। कुछ छात्र तो इन्हें खुद इस्तेमाल करने के बाद दूसरों को भी किराए पर दे देते हैं।
इन चश्मों में लगा छोटा कैमरा परीक्षा के प्रश्नों को पढ़ लेता है, फिर AI से उत्तर तैयार कराकर डिस्प्ले पर दिखा देता है। कुछ मॉडल्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इन्हें कंट्रोल करना भी आसान होता है और बाहर से पकड़ना मुश्किल होता है।
इसी वजह से चीन के कई बड़े प्रवेश परीक्षाओं और सरकारी एग्जाम्स में इन पर रोक लगाई जा रही है। हालांकि कॉलेज स्तर की परीक्षाओं में इन्हें पहचानना मुश्किल साबित हो रहा है क्योंकि ये साधारण चश्मों जैसे ही दिखाई देते हैं।
कुछ विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने इन स्मार्ट ग्लासेस को लेकर परीक्षण भी किया है, जिसमें पाया गया कि ऐसे टूल्स का इस्तेमाल करने वाले छात्र परीक्षा में काफी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
इसके चलते अब कुछ प्रोफेसर और विशेषज्ञ इनकी पहचान के लिए अलग-अलग डिटेक्शन सिस्टम विकसित करने में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर, यह तकनीक सिर्फ नकल तक सीमित नहीं है कई लोग इसका उपयोग ट्रांसलेशन, नेविगेशन और रोजमर्रा के कामों में भी कर रहे हैं।


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