AI Impact Summit: प्रधानमंत्री बोले– ग्लोबल टेक टैलेंट की राजधानी बनता भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई इंपैक्ट समिट में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंच गए हैं। यहां उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा सहित कई अंतरराष्ट्रीय गणमान्य अतिथियों से भेंट की। प्रधानमंत्री ने सभी वैश्विक प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कुछ ही देर में वह दुनियाभर से आए सैकड़ों टेक लीडर्स को संबोधित करेंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया स्वागत, एआई को बताया जनकल्याण का माध्यम
एआई समिट की शुरुआत केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि यह ग्लोबल साउथ का पहला और अब तक का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विज़न का ज़िक्र करते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी की असली ताकत तभी है, जब उसका लाभ आम नागरिक तक पहुंचे। सरकार का लक्ष्य तकनीक को लोकतांत्रिक बनाना और सभी के लिए सुलभ करना है।

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस बोले-एआई का भविष्य कुछ देशों तक सीमित नहीं रह सकता
सम्मेलन को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी संबोधित किया। उन्होंने भारत में एआई समिट के आयोजन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया और भारत के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य न तो कुछ गिने-चुने देशों द्वारा तय किया जाना चाहिए और न ही इसे कुछ अरबपतियों की इच्छा पर छोड़ा जा सकता है।
मैक्रों के ‘नमस्ते’ ने जीता दिल, भारत की डिजिटल प्रगति की जमकर तारीफ
एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारतीय अंदाज़ में ‘नमस्ते’ कहकर अपने संबोधन की शुरुआत की, जिसने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने भारत की डिजिटल क्रांति, खासकर यूपीआई जैसे नवाचारों और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों की सराहना की।
पीएम मोदी का संबोधन: भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा टेक टैलेंट हब
समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सभी वैश्विक हस्तियों के भारत आगमन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मानव क्षमताओं को कई गुना बढ़ाया है। मशीन लर्निंग से लेकर लर्निंग मशीन तक की यात्रा तेज़ और गहरी है, ऐसे में हमें दूरदृष्टि और जिम्मेदारी दोनों को समान रूप से मजबूत रखना होगा।



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