चीन में AI अस्पताल: क्या डॉक्टरों की जगह ले रहा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस?
AKANSHA UPDHYAY
चीन तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब स्वास्थ्य सेवाओं में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ रहा है। हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि चीन में कुछ अस्पतालों में मरीजों की जांच और इलाज का काम AI सिस्टम कर रहे हैं, जहां डॉक्टर या नर्स दिखाई नहीं देते। हालांकि, यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। वास्तविकता यह है कि चीन AI आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़े स्तर पर प्रयोग कर रहा है, लेकिन मानव डॉक्टरों की भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
सिंघुआ विश्वविद्यालय ने हाल ही में “AI एजेंट हॉस्पिटल” विकसित किया है। इसमें 21 विभागों में कई AI एजेंट काम करते हैं। यह मुख्य रूप से वर्चुअल और सिम्युलेटेड सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल रिसर्च और मेडिकल ट्रेनिंग के लिए किया जा रहा है। यह हजारों वर्चुअल मरीजों के मामलों का विश्लेषण कर सकता है और संभावित बीमारी तथा उपचार के विकल्प सुझा सकता है।
वहीं, हैनान प्रांत के बोआओ में “सुपर AI हॉस्पिटल” जैसी सुविधाओं में AI मरीजों के लक्षणों का प्रारंभिक विश्लेषण, मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा, जोखिम की पहचान और फॉलो-अप में मदद करता है। हालांकि अंतिम चिकित्सकीय निर्णय मानव डॉक्टर ही लेते हैं।चीन के कई अस्पतालों में AI का इस्तेमाल CT स्कैन, MRI और अन्य मेडिकल इमेजिंग में भी हो रहा है। इससे डॉक्टरों को असामान्यताओं की पहचान जल्दी करने में मदद मिलती है।
कुछ AI मॉडल गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेतों का पता लगाने में भी उपयोगी साबित हो रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि AI डॉक्टरों का विकल्प नहीं, बल्कि एक “को-पायलट” है। डॉक्टरों की क्लिनिकल सोच, मानवीय संवेदना और नैतिक जिम्मेदारी अभी भी जरूरी है। हालांकि AI भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, सुलभ और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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