राणा सांगा विवाद बढ़ने पर अखिलेश ने दी सफाई.
Adarsh kanoujia
मेवाड़ के राजा राणा सांगा को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन द्वारा ‘गद्दार’ कहे जाने पर विवाद गहराने के बाद पार्टी बैकफुट पर नजर आ रही है। बुधवार को आगरा में राज्यसभा सदस्य के घर पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। वहीं, सपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट कर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि सपा मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल नहीं कर रही। इससे पहले सोमवार को आगरा में इसे लेकर अखिलेश और सुमन के विरुद्ध वाद दायर किया गया था।
रामजीलाल ने पिछले दिनों राज्यसभा में कहा था कि ‘भाजपा के लोगों का ये तकिया कलाम बन गया है कि इनमें बाबर का डीएनए है। मैं जानना चाहूंगा कि बाबर को आखिर लाया कौन? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा लाया था। मुस्लिम अगर बाबर की औलाद हैं तो तुम लोग उस गद्दार राणा सांगा की औलाद हो।’ रविवार को अखिलेश यादव ने भी यह कहकर उनके बयान का समर्थन किया था कि ‘भाजपा इतिहास के पन्ने पलट रही है। उन्हीं इतिहास के कुछ पन्नों को राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने भी पलट दिया।’ इसके बाद बुधवार को रुख बदलते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘हमारा उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं हो सकता। भाजपा ने इतिहास के कुछ विषयों को सदैव राजनीतिक लाभ और देश को धार्मिक-जातिगत आधार पर विभाजित करने के लिए इस्तेमाल किया है। हमारे राज्यसभा सदस्य ने सिर्फ एक पक्षीय लिखे गए इतिहास और व्याख्या का उदाहरण देने की कोशिश की है। हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है। आज के समय में बीते कल की, मतलब इतिहास की घटनाओं की व्याख्या नहीं की जा सकती। राज काज के निर्णय अपने समय की परिस्थितियों की मांग के हिसाब से लिए जाते थे। भाजपा सरकार को अपनी भेदकारी आदत को सुधार कर जनता के रोजी-रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कुछ ध्यान देना चाहिए।’
तोड़फोड़ की घटना के सीएम योगी होंगे गिरफ्तार-
अखिलेश यादव ने सुमन के घर पर तोड़फोड़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी पर निशाना भी साधा। उन्होंने एक्स पर लिखा, आगरा में मुख्यमंत्री जी के उपस्थित रहते हुए भी, पीडीए के एक सांसद के घर पर तोड़फोड़ की हिंसक वारदात जब रोकी नहीं जा सकती, तो फिर जीरो टालरेंस तो जीरो होना ही है। क्या मुख्यमंत्री जी का प्रभाव क्षेत्र दिन पर दिन घट रहा है या फिर 'आउटगोइंग सीएम' की अब कोई सुन नहीं रहा है। अगर वो अभी भी मुख्यमंत्री हैं तो तुंरत कार्रवाई करें और दोषियों को एआइ से पहचानकर दंडित करें, नहीं तो मान लिया जाएगा कि पीडीए सांसद के खिलाफ ये सब उनकी अनुमति से हुआ है।
कौन थे राणा सांगा-
राणा सांगा महाराणा कुम्भा के पोते थे. जिन्होंने कई युद्ध लड़े, जिनमें उन्होंने अपना एक हाथ, एक पैर और एक आंख खोनी पड़ी थी. यही नहीं उनके शरीर पर 80 घाव थे. इतना सब होने के बाद भी उन्होंने बाबर, जैसे मुगल शासक को पसीने ला दिये थे. उनके नेतृत्व में राजपूत विदेशियों से एक साथ लड़े. राणा सांगा 1509 ई. में अपने पिता की मृत्यु के बाद 27 साल की उम्र में मेवाड़ के राजा बन गए थे. सभी महाराणाओं में सबसे प्रतापी योद्धा भी थे. राणा सांगा ने कई युद्ध लड़े, लेकिन बाबर के साथ उनके युद्ध को हमेशा याद रखा जाता है. बाबर पूरे मुल्क पर राज करना चाहता था, लेकिन महाराणा सांगा के रहते ये हो नहीं सकता था. 1526 ई. में पानीपत के पहले युद्ध के बाद महाराणा सांगा की शरण में अफगान नेता पहुंचे. राजपूत-अफगान का मोर्चा बाबर के लिए भय का कारण बन गया. 1527 ई. में महाराणा सांगा ने बयाना पर जीत हासिल की, जो बाबर के खिलाफ एक बड़ी विजय थी. राजपूतों की वीरता देख बाबर ने सुलह की भी बात चलाई थी, लेकिन राणा सांगा ने अस्वीकार किया. 16 मार्च 1527 की सुबह भरतपुर के खानवा में युद्ध शुरू हुआ. पहली मुठभेड़ राजपूतों के हाथ लगी, लेकिन युद्ध के दौरान एक तीर आया और राणा सांगा की आंख में लगा. वो युद्ध भूमि से दूर गए और राजपूत युद्ध हार गए, जिसके बाद भारत में मुगल साम्राज्य स्थापित हो गया.

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