यूपी चुनाव से पहले सपा का बड़ा दांव, AIMIM नेता समेत 3 पूर्व विधायक सपा में शामिल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को बलरामपुर से AIMIM के कद्दावर नेता अब्दुल मन्नान ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। उनके साथ पीलीभीत के पूर्व विधायक हेमराज वर्मा और बबीना के पूर्व विधायक रतन लाल अहिरवार भी सपा में शामिल हो गए। इन नेताओं के सपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम कदम बताया है।

नेताओं के सपा में शामिल होने के मौके पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी और अपनी राजनीतिक विरोधी ताकतों पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि दकियानूसी, सामंतवादी और वर्चस्ववादी ताकतें PDA की ताकत से घबरा रही हैं। उन्होंने कहा कि PDA में प्रदर्शन और आंदोलन करने वाले एक्टिविस्ट भी शामिल हैं। अखिलेश के मुताबिक विधानसभा चुनाव अब कुछ ही महीनों की दूरी पर हैं और लोग PDA को लेकर गंभीर हैं, इसलिए बीजेपी समेत सपा के विरोधी दलों में घबराहट है।

अखिलेश यादव ने त्योहारों के दौरान महिलाओं को मुफ्त बस सेवा दिए जाने के सरकार के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मुफ्त बस सेवा का ऐलान तो किया, लेकिन जमीन पर यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

सपा प्रमुख ने हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंकित बालियान के पिता, पत्नी और भाई न्याय की मांग कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा दोनों राज्यों में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है।

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हर 16,189 लोगों पर सिर्फ एक डॉक्टर है। उनके मुताबिक सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 6,872 पद यानी करीब 41 प्रतिशत पद खाली हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 24 हजार पद खाली हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो गरीबों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार बनने पर अस्पताल में इलाज कराने के लिए किसी कार्ड की जरूरत नहीं होगी। गरीबों का इलाज मुफ्त किया जाएगा और उन्हें दवाइयां भी मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। गंभीर बीमारियों के इलाज को भी मुफ्त करने का दावा अखिलेश ने किया।

वहीं लखनऊ के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र यानी JPNIC को लेकर भी अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोगों का JPNIC से भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि इसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की याद में बनाया गया था।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि JPNIC में करीब 1,200 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो सिर्फ पार्किंग से होने वाली आय के जरिए भी इसकी लागत निकाल सकती थी। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने JPNIC का व्यवसायीकरण कर दिया है।

उन्होंने सरकार पर JPNIC के अलावा बस स्टैंड और प्लासियो मॉल को भी बेचने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बड़े-बड़े ठेके अपने लोगों को देने का काम किया जा रहा है।

JPNIC के आर्किटेक्ट को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस आर्किटेक्ट को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए था, उसी को देश की राजधानी में सबसे बड़ा स्टेशन बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो वह राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों के आधार पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य गरीबों, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों को प्राथमिकता देना है।

कुल मिलाकर विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा ने संगठन और राजनीतिक समीकरण मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। एक तरफ कई नेताओं के पार्टी में शामिल होने से सपा अपने कुनबे को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव PDA, स्वास्थ्य व्यवस्था, मुफ्त इलाज और JPNIC जैसे मुद्दों के जरिए योगी सरकार को घेरने में जुटे हैं। अब देखना होगा कि चुनाव से पहले सपा की यह रणनीति जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

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