अखिलेश यादव केवल हिंदू साधुओं से यह कहते हैं कि रास्ता अलग है, मुसलमानों से नहीं-कथावाचक अनिरुद्धाचार्य

इन दिनो उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य के बीच बहुचर्चित बहस का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले मे भाजपा और यूपी की मुख्य विपक्षी दल यानी सपा एक दूसरे पर हमलावर है। इसी क्रम में अब यूपी सरकार में कद्दावर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी कूद पड़े हैं।  बता दें कि इससे पहले सपा सांसद प्रिया सरोज ने भी तीखा जवाब देकर इस विवाद को और गरमा दिया है।

स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश पर साधा निशाना-

दरअसल, योगी सरकार में जलशक्ति कैबिनेट मंत्री एवं यूपी बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने एक्स पर सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज कसा है। स्वतंत्र देव सिंह ने लिखा कि जो साधु-संतों से पूछते सवाल हैं, उनकी छांगुर बाबा पर चुप्पी कमाल है! कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का यह बयान धर्मांतरण के आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के मुद्दे पर सपा की चुप्पी को लेकर था। छांगुर बाबा पर विदेशी फंडिंग से लेकर बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण के आरोप हैं। मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से अखिलेश यादव पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। 

बताते चलें कि हाल ही में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की एक पुरानी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसमें दोनों के बीच शूद्र शब्द को लेकर बहस होती दिख रही है। वीडियो के अनुसार, अखिलेश यादव कथावाचक से पूछते हैं कि किसी को शूद्र कहने का क्या तात्पर्य है? इस पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का अखिलेश यादव को जवाब देते हुए एक वीडियो बयान सामने आया था, जिसमें अनिरुद्धाचार्य ने कहते हैं कि मैंने वही उत्तर दिया जो सच था। अगर नेता कहते हैं कि तुम्हारा रास्ता अलग और हमारा रास्ता अलग है, तो सोचिए कि ऐसे राजाओं से देश का कल्याण कैसे होगा?

सपा सांसद प्रिया सरोज ने कही ये बात-

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल हिंदू साधुओं से यह कहते हैं कि रास्ता अलग है, मुसलमानों से नहीं। कथावाचक के इस बयान को लेकर सियासत और तेज हो गई है। वहीं, अनिरुद्धाचार्य का बयान पोस्ट करते हुए सपा सांसद प्रिया सरोज ने पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब एक बाबा कृष्ण जी का नाम बताने में असफल हो जाता है, तो अपनी छवि सुधारने के लिए वह राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का नाम हिंदू-मुस्लिम जोड़कर देश-प्रदेश का माहौल खराब कर देता है। यही सिखाते हैं ये अपने प्रवचनों में? प्रिया सरोज ने अनिरुद्धाचार्य पर न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया, बल्कि उनकी प्रवचन शैली पर भी सवाल खड़े किए थे।

लोकसभा चुनाव से पहले हुआ था सामना-

यह पूरा मामला 2023 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले का है, जब बीच सड़क पर अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य के बीच वर्ण व्यवस्था को लेकर बहस हो गई थी। अनिरुद्धाचार्य द्वारा वर्ण व्यवस्था के आधार पर समाज के वर्गों की बात करना सपा को नागवार गुजरा और बात यहां तक पहुंच गई कि अखिलेश यादव ने उनसे कहा कि अब यहां से हमारा और आपका रास्ता अलग होता है।

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