यूपी में एनकाउंटर पर फूटा अखिलेश का गुस्सा! जातिवार आंकड़े जारी कर योगी सरकार को घेरा!

यूपी में एनकाउंटर और बुलडोजर की कार्रवाई पर एक ऐसा सियासी ज्वालामुखी फट गया है, जिसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया है। जी हां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए फर्जी एनकाउंटर का एक ऐसा विस्फोटक रिपोर्ट कार्ड पेश किया है, जिसने जाति और मजहब की राजनीति में उबाल ला दिया है! अखिलेश यादव का सीधा और तीखा आरोप है कि यूपी में जाति देखकर बुलडोजर चलाया जा रहा है और चुन-चुनकर फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जो सरकारें जनता का एनकाउंटर करती हैं, जनता चुनावी तरीके से उनका एनकाउंटर कर देती है! आइए आपको बताते हैं अखिलेश यादव के उन चौंकाने वाले आंकड़ों और दावों की पूरी इनसाइड स्टोरी, जिसने यूपी की राजनीति में तहलका मचा दिया है!

दरअसल, मंगलवार को समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पर आयोजित एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह कठघरे में खड़ा कर दिया। हाल ही में जौनपुर के चर्चित दूल्हा आजाद बिंद की हत्या के आरोपी रवि यादव के एनकाउंटर के बाद सूबे में जात-पात की सियासत चरम पर पहुंच गई है। अखिलेश यादव ने दो टूक लहजे में कहा "आज फर्जी एनकाउंटर उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है, लेकिन सरकार इस पर बात करने से भाग रही है। सरकार सिर्फ अपने वर्चस्व की धाक जमाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग करके फर्जी एनकाउंटर करवा रही है। सीधा सिद्धांत है कि जिस एनकाउंटर के पीछे सरकार की मर्जी है, वो पूरी तरह से फर्जी है!"

वहीं अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल जुबानी तीर नहीं चलाए, बल्कि अपनी रिसर्च टीम द्वारा तैयार किए गए एनकाउंटर के जातिवार और धर्मवार आंकड़े पेश कर सबको चौंका दिया। सपा प्रमुख की रिसर्च टीम ने दावा किया है कि योगी सरकार के कार्यकाल में हुए एनकाउंटरों का पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर गहन विश्लेषण किया गया है, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:

राज्य में हुए एनकाउंटरों में मारे जाने वाले अपराधियों में सबसे बड़ी संख्या मुस्लिम समुदाय की है।

इस सूची में दूसरे स्थान पर ब्राह्मण समुदाय के लोग हैं, जिनकी संख्या कुल एनकाउंटर में करीब 15 प्रतिशत बताई गई है।

एनकाउंटर के मामले में तीसरे स्थान पर पासी और यादव बिरादरी के लोग आते हैं।

आपको बता दें अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी की भाजपा सरकार में सरकारी स्तर पर फर्जी एनकाउंटर का पूरा एक 'अपराध तंत्र' खड़ा कर दिया गया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि:

लगभग 60 प्रतिशत फेक एनकाउंटर PDA समाज के लोगों के हुए हैं।

बुलडोजर की कुल 24 कार्रवाइयों में से 22 मामले सीधे तौर पर PDA समाज के लोगों के खिलाफ हुए हैं।

विभिन्न जेलों में बंद अंडर-ट्रायल बंदियों में से 75 प्रतिशत संख्या PDA समाज की है।

पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों में भी PDA वर्ग की संख्या सबसे अधिक है।

सपा प्रमुख ने कहा कि फर्जी एनकाउंटर को सामान्य मुठभेड़ बताना एक बेहद खतरनाक और गलत धारणा है। उन्होंने दावा किया कि इन फर्जी कार्रवाइयों से उत्तर प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर संभला नहीं, बल्कि और ज्यादा बिगड़ गया है, जिसके कारण प्रदेश में नया निवेश भी नहीं आ रहा है। यही नहीं, अखिलेश यादव ने एक और संवेदनशील दावा करते हुए कहा कि जो पुलिसकर्मी दबाव में आकर फर्जी एनकाउंटर कर रहे हैं, वे खुद आत्मग्लानि के चलते मानसिक बीमारी का शिकार हो रहे हैं। पीड़ित परिवारों के बयान साफ दर्शाते हैं कि सरकार लगातार इन साजिशों में शामिल है और प्रशासनिक ताकत का नंगा नाच चल रहा है। 

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस दावे पर सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने एक साल के भीतर केंद्र सरकार गिरने की बात कही थी, तो अखिलेश ने मुस्कुराते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश में जैसे ही समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, केंद्र की भाजपा सरकार भी ताश के पत्तों की तरह गिर जाएगी। 

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अखिलेश यादव ने एक सकारात्मक कदम उठाते हुए यूपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शानदार अंक हासिल करने वाले आगरा और फर्रुखाबाद के टॉपर छात्र-छात्राओं को समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पर लैपटॉप देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसी दौरान, देश भर में चर्चा का विषय बने नीट परीक्षा विवाद के पीड़ित अभ्यर्थियों ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात की। अभ्यर्थियों ने पेपर लीक के गंभीर मुद्दे को आगामी लोकसभा सत्र के दौरान सदन में पूरी ताकत से उठाने के संबंध में सपा प्रमुख को एक आधिकारिक ज्ञापन भी सौंपा, जिस पर अखिलेश ने उन्हें पूरी मदद का भरोसा दिया।

जाहिर है उत्तर प्रदेश की सियासी बिसात पर एनकाउंटर और बुलडोजर को लेकर शह और मात का खेल अब बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच चुका है! एक तरफ जहाँ अखिलेश यादव ने एनकाउंटर को सीधे जाति और मजहब से जोड़कर यूपी की योगी सरकार को पूरी तरह से घेर लिया है और इसे आगामी चुनाव का मुख्य एजेंडा बनाने का साफ संकेत दे दिया है, तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकार अपने जीरो टॉलरेंस के रुख पर मजबूती से डटे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि आंकड़ों की यह सनसनीखेज जंग और चुनावी एनकाउंटर की यह खुली चेतावनी आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति को किस नए मोड़ पर ले जाती है!

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.