अखिलेश के तीखे हमलों पर बैकफुट पर प्रशासन: री-वेरिफिकेशन के आदेश!
लखनऊ (27 अक्टूबर 2026): उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने और हर मतदान केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था अनिवार्य करने की मांग की है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में चल रहे पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और धांधली की जा रही है।
"हर बूथ पर हो बायोमेट्रिक जांच, रुकेगी डुप्लीकेट वोटिंग"
लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि चुनावी निष्पक्षता के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग उठाई कि आधार कार्ड से लिंकिंग के साथ-साथ पोलिंग बूथों पर फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक जांच की सुविधा दी जाए। सपा प्रमुख का कहना है कि इस पारदर्शी व्यवस्था से एक ही मतदाता का नाम कई जगह दर्ज होने की गड़बड़ी पकड़ी जा सकेगी और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा।
'सरोजनी नगर' सीट का दिया उदाहरण, बीजेपी और EC पर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी द्वारा की गई जांच में मतदाता सूची में कई चौंकाने वाले नाम और डुप्लीकेट प्रविष्टियां सामने आई हैं। उन्होंने सुनीता, राजेश और राजकुमार जैसे नामों की अनगिनत प्रविष्टियों का हवाला दिया और लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा सीट में कथित अनियमितताओं को रेखांकित किया। उन्होंने बीजेपी पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोटर लिस्ट को प्रभावित करने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिए पुनरीक्षण के निर्देश
विपक्ष की ओर से नाम जोड़ने, काटने और संशोधन प्रक्रिया में धांधली की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची के पुनः सत्यापन (Re-verification) के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन के इस रुख के बाद अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और चुनाव आयोग फर्जी प्रविष्टियों पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करता है।

No Previous Comments found.