'आजम खान का सपना समाजवादी पूरा करेंगे': अखिलेश के रामपुर दौरे के बाद जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सियासत तेज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल में बंद वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात से ठीक पहले अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक बड़ा बयान दिया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आजम खान का जो भी सपना था, उसे समाजवादी लोग मिलकर पूरा करेंगे। अखिलेश यादव का यह सीधा इशारा रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और शिक्षा के प्रसार को लेकर देखे गए सपनों की ओर था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को निशाना बना रही है, लेकिन सपा हर हाल में आजम खान के सपनों और उनके विजन की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या था आजम खान का वह सपना, जिस पर टिकी है सपा और शिक्षा जगत की नजर
आजम खान का सबसे बड़ा और बहुचर्चित सपना रामपुर में 'मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' की स्थापना करना था। आजम खान कई मौकों पर यह कह चुके थे कि यह विश्वविद्यालय उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी विरासत होगा। इस यूनिवर्सिटी का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर रखा गया है। वर्ष 1990 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का गठन किया गया था, जिसके बाद साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया था और इसके ठीक छह साल बाद 2012 में खुद अखिलेश यादव ने इसका भव्य उद्घाटन किया था। लगभग 120 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फैली इस यूनिवर्सिटी में मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ, फार्मेसी और मैनेजमेंट जैसे कई उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिसका उद्देश्य पिछड़े इलाके में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना था।
जौहर यूनिवर्सिटी पर बढ़ता कानूनी शिकंजा और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की नई कार्रवाई
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती चली गईं। सपा नेताओं का दावा है कि आजम खान पर 350 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनका सीधा संबंध इसी यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ है। हाल ही में रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) द्वारा यूनिवर्सिटी की कई इमारतों को बिना नक्शा पास कराए बनाने के आरोप में तोड़ने के आदेश दिए गए थे, हालांकि बाद में मुरादाबाद मंडलायुक्त ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बावजूद संकट टला नहीं है, और इसी महीने 13 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित रूप से सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में एक नया केस दर्ज कर लिया है, जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
शिक्षा से '36 का आंकड़ा' होने का आरोप लगाकर बीजेपी पर तीखा हमला
आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा का पढ़ाई-लिखाई और शिक्षा से '36 का आंकड़ा' है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे कानूनी विवादों और ED की ताबड़तोड़ जांच के बीच अखिलेश यादव के इस दौरे और बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक रूप से आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि पार्टी संकट के इस दौर में अपने संस्थापक नेता और उनके शैक्षिक विजन के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।

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