स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा, वरना बैरिकेडिंग तोड़ देते- अखिलेश यादव

नई दिल्ली के संसद मार्ग पर एसआईआर (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों और नेताओं का मार्च उस वक्त धरने में बदल गया जब पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा और कहा कि लोकतंत्र में जनता आयोग से न्याय की उम्मीद करती है, लेकिन मौजूदा समय में चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम करता हुआ बिल्कुल नजर नहीं आ रहा है।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे चुनाव आयोग और बीजेपी का दफ्तर एक ही तरीके से काम कर रहा हो। उन्होंने यूपी के सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार नकली हस्ताक्षर करवाकर वोट डाले जा रहे हैं और फॉर्म 7 भरवाया जा रहा है। जब उनसे यह पूछा गया कि वे आगे क्यों नहीं बढ़ रहे हैं, तो उन्होंने दो टूक कहा कि उनका स्वास्थ्य इस समय साथ नहीं दे रहा है, वरना वे बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल जाते। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग संघर्ष और पसीने से कभी नहीं डरते, बल्कि बीजेपी डरती है इसलिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं।

आगामी चुनावों और सीट बंटवारे को लेकर बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव से पहले बीजेपी घबराई हुई है और इसी वजह से यूपी में एक बार फिर से वोटर लिस्ट का रिवीजन कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनकी पार्टी की मुख्य नजर तीन सीटों पर नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर है। गठबंधन और सीट शेयरिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी सीटें तय हो चुकी हैं और सभी का एक ही लक्ष्य है कि राज्य से बीजेपी को सत्ता से हटाया जाए। कांग्रेस से नाराजगी के सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा कि पीडीए की लड़ाई को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

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