आखिर क्यों लगाया जाता है पेसमेकर? जानिए देश के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ राहुल यादव से
क्यों लगाया जाता है पेसमेकर? जानिए देश के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ राहुल यादव से
आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसी बीमारी की जिसमे अचानक तेज दर्द के साथ जिंदगी रुक सी जाती है। जी हां आज का विषय बेहद गंभीर और चिंताजनक है। और वो है कंप्लीट हार्ट लॉक? आखिर क्या होता है ये कम्पलीट हार्ट लॉक और कैसे इसका इलाज होता है?
पेसमेकर क्या होता है और ये कैसे काम करता है इन तमाम सवालों के ज़वाब आपको दे रहे हैं देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट और इशेष हार्ट केयर सेण्टर लखनऊ के डायरेक्टर डॉ राहुल यादव
डॉ राहुल यादव आखिर क्या होता है ये कम्पलीट हार्ट लॉक?
डॉ राहुल यादव ने बताया कि कंप्लीट हार्ट लॉक के बारे में कंप्लीट हार्ट लॉक एक ऐसी कंडीशन है जब हमारे हार्ट की धड़कन अत्यधिक कम हो जाती है नॉर्मली हमारा हृदय 60 से 100 प्रति मिनट की धड़कन से काम करता है अगर ये अत्यधिक कम हो जाती है। जो कभी कभी आगे चलकर मरीज की जान भी ले लेती है।
ये कम्पलीट हार्ट लॉक के लक्षण क्या क्या होते हैं?
इस पर बोलते हुए देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ राहुल यादव ने बताया कि कई अचानक चक्कर आना, बेहोशी आना, बहुत धीमी हार्टबीट, सांस फूलना, सीने में दर्द, थकान और कमजोरी आदि कम्पलीट हार्ट लॉक के लक्षण होते हैं।
कम्पलीट हार्ट लॉक होने के क्या क्या कारण होते हैं?
डॉ राहुल यादव ने बताया कि कम्पलीट हार्ट लॉक मुख्यत कारण होते हैं बढ़ती उम्र यानि जैसे जैसे उम्र बढ़ती है हमारे हार्ट का जो नेचुरल पेसमेकर है वो कमजोर होता जाता है ऐसा सब सब लोगों के साथ नहीं होता करीब 20 से 30 प्रतिशत लोगों में ऐसा हो सकता है कि उम्र के साथ हार्ट कमजोर होता जाए। इसके अलावा कोई दिल की पुरानी बीमारी, हार्ट अटैक के बाद की समस्या, कुछ दवाइयों का असर भी इसका कारण बन सकता है।
कम्पलीट हार्ट लॉक की गंभीर समस्या को लेकर क्या सावधानी रखनी चाहिए?
इस सवाल का जवाब देते हुए देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ राहुल यादव ने बताया कि बढ़ती उम्र के उम्र के साथ जैसे जैसे उम्र बढ़ती है हमारे हार्ट का जो नेचुरल पेसमेकर है वो कमजोर होता जाता है बढ़ती उम्र के साथ जब हमारी दिल की धड़कन जो प्रति मिनट के हिसाब से काम होती चली जाती है तो इसका जांच ईसीजी के माध्यम से होती है। अमूनन 60 साल की उम्र के लोगों में चक्कर आना, बेहोश होना सांस फूलना या पसीना आने जैसे लक्षण हैं तो समय समय पर उनकी ईसीजी जांच होती रहनी चाहिए क्योंकि कोई भी फिजिशियन या फिर कार्डियोलॉजिस्ट मरीज की ईसीजी जाँच कराकर फिर देख कर इलाज शुरू कर सकता है जिससे मरीज की जान बच सकती है।
कम्पलीट हार्ट लॉक का उपचार कैसे संभव हो सकता है?
इस सवाल का जवाब देते हुए देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ राहुल यादव ने बताया कि ईसीजी के माध्यम से बड़े आराम से कम्पलीट हार्ट लॉक को पकड़ा जा सकता है और समय रहते इसका इलाज हो जाए तो इंसान की जान बच सकती है इसके और कारण होते हैं कुछ हमारे ब्लड के अंदर सोडियम पोटेशियम इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं उनकी एनोर्म के कारण से कंप्लीट हार्ट लॉक हो सकता है धड़कन कम हो सकती है इनका टेस्ट आम खून की जांचों से पता लग जाता है और कम्पलीट हार्ट लॉक का पता लगते ही एक टेंपररी पेसमेकर लगाया जाता है जिसे पैर के रास्ते से लगाया जाता है वो एक तार होता है जो प्रायः बैटरी से कनेक्टेड होता है वो हार्ट में जाके हमारी धड़कन को जो मिस होती है उससे बचाता है और मरीज की जान उस वक्त स्टेबल हो जाती है। उसके बाद ये निर्णय लिया जाता हैं कि पेसमेकर लगवाना है कि नहीं। आमतौर पर पेसमेकर लगाने की सलाह देते हैं। पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जो दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।
क्या होता है ये पेसमेकर? और ये कैसे काम करता है।
डॉ राहुल यादव ने बताया कि जिन मरीजों को कोई हार्ट अटैक मरीज को नहीं हुआ है या या हृदय में ऐसी कोई अन्य दिक्कत नहीं है तो फिर मरीज को पेसमेकर एडवाइस किया जाता है। पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जो दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।
पेसमेकर में एक छोटी सी मशीन होती है बैटरी होती है जिसके सथ एक तार कनेक्टेड होता है वो तार जाता है हार्ट के अंदर एक मामूली सर्जरी से इसका इलाज संभव है कंधे के नीचे इतना छोटा पेसमेकर है वो लगा दिया जाता है आजकल एक बिना बैटरी के भी बिना तार के भी पेसमेकर उपलब्ध है जिसे नीडलेस पेसमेकर कहा जाता है इसका फायदा यह होता है कि जिन मरीजों को बारबार इंफेक्शन होती है उनको भी कोई दिक्कत नहीं होगी।
कम्पलीट हार्ट लॉक की समस्या से बचाव कैसे करें?
इस सवाल का जवाब देते हुए देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ राहुल यादव ने बताया कि नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल रखें
धूम्रपान और शराब से दूरी रखें, अचानक चक्कर या बेहोशी हो तो नज़रअंदाज न करते हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि कम्पलीट हार्ट लॉक एक गंभीर दिल की बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
तो अगर आपको है ह्रदय संबधित कोई भी समस्या तो बिल्कुल भी न हो परेशान
संपर्क करें
DR. RAHUL YADAV
DIRECTOR
ISHESH HEART CARE
LOWER GROUND FLOOR, C-4,SECTOR M, ALIGANJ
KURSI ROAD, NEAR MAMA CHAURAHA
LUCKNOW, UTTAR PRADESH
CONTACT NUMBER---9599617836

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