गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने हेतु राष्ट्रपति को ज्ञापन
इलाहाबाद : जन कल्याण समिति द्वारा देश की आस्था, संस्कृति एवं परंपरा से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर एक अहम पहल करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन दिनांक 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 11:00 बजे, जिला कचहरी, प्रयागराज में ADM सिटी के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञापन को एडवोकेट हन्जला फारुकी द्वारा पढ़कर सुनाया गया। उन्होंने कहा कि यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से लगातार उठाई जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभर में करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी मांग को अब और अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर समिति के सचिव परशुराम चौहान ने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से लगातार इस विषय पर कार्य कर रहे हैं और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग को विभिन्न मंचों के माध्यम से उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार इस पर ठोस निर्णय ले।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय का विशेष एवं पूजनीय स्थान है। गाय को मातृत्व, सेवा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा प्रदान कर उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
आगे समिति ने कहा कि यह मांग जनभावनाओं से जुड़ी हुई है, इसलिए सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। समिति की ओर से यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन इस मुद्दे को लेकर व्यापक जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।
रिपोर्टर : जाबिर

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