अंबरनाथ में पानी संकट पर सख्ती: मंत्री का बड़ा आदेश, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई तय!

अंबरनाथ : मुंबई महानगर क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे शहर अंबरनाथ में पानी की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। शहर में तेजी से बढ़ रही आबादी, खासकर नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के चलते, आने वाले कुछ वर्षों में 1 से 2 लाख लोगों की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने की संभावना है। लेकिन वर्तमान जल आपूर्ति व्यवस्था इस बढ़ती मांग को पूरा करने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है।

अंबरनाथ शहर को बारवी और चिखलोली बांध से पानी की सप्लाई की जाती है, इसके बावजूद नागरिकों को अनियमित और दूषित पानी मिल रहा है। साथ ही, बड़े पैमाने पर पानी की लीकेज, चोरी और टैंकर माफिया का बढ़ता नेटवर्क इस समस्या को और गंभीर बना रहा है, जिससे नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री श्री गुलाबराव पाटील ने मंत्रालय में एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई। यह बैठक विधायक डॉ. बालाजी किणीकर के अनुरोध पर आयोजित की गई। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए अंबरनाथ में चल रही जल आपूर्ति की अनियमितताओं की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए। साथ ही, लापरवाह और अकार्यक्षम अधिकारियों के खिलाफ तत्काल ट्रांसफर और कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अगले एक सप्ताह में पूरी स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इस बैठक में अंबरनाथ नगर परिषद की नगराध्यक्षा तेजश्री करंजुले-पाटील, उपनगराध्यक्ष सदाशिव पाटील, शिवसेना गटनेता रविंद्र करंजुले, पूर्व नगराध्यक्ष सुनील चौधरी, पूर्व उपनगराध्यक्ष अब्दुल शेख सहित कई जनप्रतिनिधि और जल आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर पानी संकट पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करता है।

रिपोर्टर - साबीर शेख 
 

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