ग्राम पंचायत रामपुर कला (पून्थर) में भ्रष्टाचार के आरोपों की बयार, ग्राम प्रधान पर गंभीर शिकायत दर्ज
अम्बेडकर नगर : तहसील टांडा के विकासखंड टांडा अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर कला (पून्थर) में ग्राम प्रधान के कार्यकाल के अंतिम चरण में पहुंचते ही भ्रष्टाचार के आरोपों की गूंज तेज हो गई है। ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फिरने के बाद अब शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है। शिकायतकर्ताओं ने ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं को शामिल किया गया है—
1. इंडिया मार्का हैंडपंप रिवोर कार्य में गड़बड़ी
शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2020 से अब तक ग्राम पुन्थर में कुल कितने हैंडपंपों का रिवोर कराया गया, किन लोगों के घरों पर कार्य हुआ और इस पर कितना सरकारी धन खर्च किया गया—इसकी प्रमाणित प्रतिलिपि मांगी गई है। आरोप है कि खर्च का बड़ी मात्रा में गलत उपयोग हुआ है।
2. फर्जी जॉब कार्ड का मामला
बताया गया कि ग्राम सभा पुन्थर में कुल कितने जॉब कार्ड बनाए गए, इसकी प्रमाणित सूची उपलब्ध कराई जाए। इसी क्रम में अदनान सिद्दिकी नामक व्यक्ति का मामला उठाया गया है, जिनके पास कई बैंक कार्ड और महंगे मोबाइल होने के बावजूद उनका जॉब कार्ड बना हुआ है, जिसे शिकायतकर्ता ने फर्जी बताते हुए इसकी जांच की मांग की है।
3. खड़ंजा निर्माण कार्य पर सवाल
ग्राम प्रधान द्वारा खड़ंजा निर्माण कार्य कहां-कहां कराया गया और इस पर कितनी धनराशि खर्च हुई—इसकी भी प्रमाणित जानकारी मांगी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश कार्य कागजों में ही दर्शाए गए हैं।
4. मनरेगा मद में खर्च की जांच की मांग
ग्राम सभा पुन्थर में मनरेगा के तहत अब तक कितना धन खर्च हुआ, इसकी भी जांच और प्रमाणित प्रतिलिपि की मांग करते हुए अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के बजाय पूरे ग्राम को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। अब मामले की जांच प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाएगी या मामला फिर से फाइलों में दब जाएगा, क्योंकि जनपद में भ्रष्टाचार के कई मामले पहले से लंबित पड़े हैं। अब देखना यह है कि जांच के बाद इस कथित भ्रष्टाचार का असली चेहरा सामने आता है या नहीं, और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों की नजरें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर : अजय कुमार उपाध्याय


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