देवरिया जेल में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर का आमरण अनशन; प्रशासन में मचा हड़कंप
देवरिया- पूर्व आईपीएस अधिकारी और अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की देवरिया जेल में भूख हड़ताल (आमरण अनशन) की खबरों ने जेल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन में भारी हलचल पैदा कर दी है। जनवरी 2026 की शुरुआत में आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अपनी गिरफ्तारी और जेल की स्थितियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं।
इस स्थिति का मुख्य विवरण निम्नलिखित है:
1. भूख हड़ताल का मुख्य कारण
अमिताभ ठाकुर ने अपनी मांगों को लेकर जेल के भीतर ही अनशन शुरू किया है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
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CCTV फुटेज की मांग: उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के दौरान (शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन) और सदर कोतवाली में रखे जाने के समय का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर रही है।
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जेल की स्थिति: उन्होंने जेल में मिलने वाली सुविधाओं और जेल मैनुअल के उल्लंघन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
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अधिकारों का हनन: उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।
2. प्रशासन में हड़कंप क्यों?
एक पूर्व आईपीएस अधिकारी होने के नाते, अमिताभ ठाकुर जेल के नियमों (Jail Manual) और कानूनी बारीकियों को गहराई से समझते हैं। उनके द्वारा उठाए जा रहे कदमों से प्रशासन दबाव में है:
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लेखन कार्य: बताया जा रहा है कि वह जेल के अंदर लगातार ए-4 साइज के कागजों पर कुछ लिख रहे हैं। अधिकारियों को अंदेशा है कि वह जेल की कमियों और अव्यवस्थाओं का विस्तृत विवरण तैयार कर रहे हैं, जिसे वह भविष्य में उच्च न्यायालय या शासन को भेज सकते हैं।
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स्वास्थ्य की चिंता: भूख हड़ताल के कारण उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए जेल प्रशासन अलर्ट पर है। डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है।
3. मामला क्या है?
अमिताभ ठाकुर को दिसंबर 2025 में 1999 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था।
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यह मामला देवरिया में उनके एसपी रहने के दौरान एक औद्योगिक प्लॉट (Industrial Plot) की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है।
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आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर कूटरचित (Forged) दस्तावेजों के जरिए यह प्लॉट आवंटित कराया था।
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हाल ही में उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई भी हुई थी, लेकिन फिलहाल उन्हें राहत नहीं मिली है।
ताजा स्थिति: प्रशासन उन्हें मनाने और अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है ताकि जेल के भीतर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।


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