सड़कों पर उतरते छात्र और विपक्षी लामबंदी के बीच अमित शाह पहुंचे पुलिस मुख्यालय
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एक तरफ छात्र संगठन और विपक्षी दल सड़कों पर उतरकर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, तो दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की कमान संभाल ली है। शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह अचानक दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और स्पेशल कमिश्नरों व पुलिस आयुक्त के साथ मैराथन बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री ने भी शिरकत की।
इंटेलिजेंस रिपोर्ट और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था का रिव्यू
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने सुरक्षा तंत्र, खुफिया इनपुट और पुलिस की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजधानी में शांति-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले किसी भी तत्व से सख्ती से निपटा जाए। बैठक में विशेष रूप से आने वाले त्योहारों के दौरान बाजारों और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ाने और शहर में चल रहे विभिन्न आंदोलनों से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती पर चर्चा की गई।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर सड़कों पर घमासान
अमित शाह की यह समीक्षा बैठक ऐसे मोड़ पर हुई है जब वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर दिल्ली का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
कैंपस से रामलीला मैदान तक बढ़ा आंदोलन का दायरा
दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों में भी आक्रोश की लहर देखने को मिल रही है। जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की बहाली और चीफ प्रॉक्टर को हटाए जाने की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से पांच छात्र आमरण अनशन पर हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन शांतिपूर्ण आवाज को दबाने के लिए निलंबन जैसी दमनकारी कार्रवाइयां कर रहा है। वहीं राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को बड़ा बनाने के लिए कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने घोषणा की है कि कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन के घटक दल 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक बड़ी महारैली का आयोजन करेंगे, जिससे आने वाले दिनों में दिल्ली में सियासी पारा और चढ़ने के आसार हैं।

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