क्या गुस्सा बन रहा है दिल का दुश्मन? रिसर्च में बड़ा खुलासा
गुस्सा इंसान की स्वाभाविक भावना है, लेकिन जब यह बार-बार और तीव्र रूप में सामने आता है तो सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है। हालिया शोध बताते हैं कि अत्यधिक गुस्सा और तनाव दिल की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
क्या कहती हैं रिसर्च?
कई अध्ययनों में पाया गया है कि गुस्से की स्थिति में शरीर में तनाव हार्मोन—जैसे एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल—तेजी से बढ़ जाते हैं। इससे रक्तचाप अचानक ऊपर जाता है और हृदय की धड़कन तेज हो जाती है। बार-बार ऐसा होने पर धमनियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गुस्से के दौरान रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।
अचानक गुस्सा क्यों खतरनाक?
अचानक आया तीव्र गुस्सा “एक्यूट स्ट्रेस रिस्पॉन्स” पैदा करता है। इससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कुछ शोधों में यह भी सामने आया है कि गुस्से के दो घंटे के भीतर हार्ट अटैक का खतरा सामान्य समय की तुलना में ज्यादा हो सकता है।
लंबे समय तक गुस्सा रखने का असर
सिर्फ तात्कालिक गुस्सा ही नहीं, बल्कि मन में लंबे समय तक नाराजगी या चिड़चिड़ापन भी दिल के लिए हानिकारक है। लगातार तनाव में रहने से सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ सकती है, जो हृदय रोगों की एक बड़ी वजह मानी जाती है।
कैसे करें गुस्से पर काबू?
गहरी सांस लेने और ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास करें
नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें
प्रतिक्रिया देने से पहले कुछ सेकंड रुकें
पर्याप्त नींद लें
जरूरत पड़े तो काउंसलर या विशेषज्ञ की सलाह लें
गुस्सा अगर नियंत्रित न किया जाए तो यह सिर्फ रिश्तों ही नहीं, दिल की सेहत पर भी भारी पड़ सकता है। इसलिए भावनाओं को समझना और उन्हें संतुलित तरीके से व्यक्त करना बेहद जरूरी है। शांत मन और स्वस्थ दिल, दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं।


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