75 दिनों से जिले में जमे तीन हाथी,चौथा हाथी पहुंचा वापस छत्तीसगढ़,ग्रामीणों का जीना,सोना हुआ हराम

अनूपपुर : विगत 75 दिनों से तीन हाथियों का समूह अनूपपुर जिले में निरंतर विवचण करने से ग्रामीणों का जीना हराम हो रहा है कई गांव के ग्रामीण हाथी के अचानक आ जाने के डर से रात-रात भर जाग कर रात बिता रहे हैं वही हाथी सभी को चकमा देते हुए रातों में अचानक ग्रामीणों के खेतों एवं घरों में पहुंच रहे हैं वही चौथा हाथी पांच दिनों तक जैतहरी एवं कोतमा क्षेत्र में विचरण करते हुए शुक्रवार की सुबह छत्तीसगढ़ राज्य के मनेद्रगढ़ से खड़गवां वन परिक्षेत्र में वापस पहुंच गया है। विगत 75 दिनों से तीन हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ राज्य से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रवेश कर अनूपपुर एवं जैतहरी थाना,तहसील एवं वन परिक्षेत्र के ग्रामीण अंचलों से लगे जंगलो में दिन में ठहरते हुए रात होने पर जंगल से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में निकल कर ग्रामीणों के खेतों एवं घरों में पहुंचकर फसलों एवं घरों का नुकसान कर रहे है कई गांव के ग्रामीण देर रात अचानक हाथियों के आ जाने के डर से रात-रात भर सूचना प्राप्त करते रात जागरण करने को बाध्य है वही एक दो दांत वाला नर हाथी 2 मार्च को अचानक छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पार करते हुए 25 किलोमीटर की दूरी तय कर जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगवां बीट में अपने तीन अन्य हाथी साथियों के साथ होली का त्यौहार मनाते हुए सोन नदी में नहा कर अचानक सोन नदी पार कर अकेला कोतमा वन परिक्षेत्र के पड़ौंर से चुकान होकर आमाडांड,मलगा,टांकी के ग्रामीण इलाकों एवं वन क्षेत्र से विचरण करता हुआ लगभग 40 से 45 किलोमीटर चलकर शुक्रवार की सुबह छत्तीसगढ़ राज्य के मनेद्रगढ़ वन परिक्षेत्र के कोड़ा के जंगल से होते हुए खड़गवां वन परिक्षेत्र के बेलबहरा बीट के जंगल में वापस पहुंच गया है तीन हाथियों द्वारा विगत चार दिनों के मध्य कुसुमहाई के पटौरा - टोला एवं पांड़ाडोल के रामशरण राठौर की खेत में लगे गेहूं,चना,कुकुर गोंडा पंचायत के सरईहा टोला निवासी देव सिंह,राय सिंह,राम पदारथ सिंह,रामप्रसाद सिंह एवं शुक्रवार एवं शनिवार की रात 3 बजे अचानक चोलना के जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के सरईहा टोला निवासी राम पदारथ सिंह एवं छोटृन सिंह के खेत में लगी गेहूं,चना मटरी की फसल एवं बांड़ी में लगे केला एवं गन्ना को अपना आहार बनाते हुए शनिवार की सुबह फिर से धनगवां बीट के बड़का डोंगरी जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं हाथियों के द्वारा विगत एक सप्ताह से दिनभर धनगवां एवं चोलना बीट के जंगल में विश्राम करने बाद ग्रामीण एवं वन विभाग के गस्ती दल को चकमा देते हुए देर रात अचानक ग्रामीण अंचलों में पहुंच रहे हैं शुक्रवार एवं शनिवार की मध्य रात्रि हाथी गस्ती दल मे लगे वन परिक्षेत्र अधिकारी बिजुरी पवन ताम्रकार,उप वन क्षेत्रपाल कल्याण सिंह मार्को,परि, सहायक पूरन सिंह मरावी,वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल,जैतहरी क्षेत्र के पत्रकार विकास सिंह राठौर,हाथी मित्र दल सदस्य रवि राठौर धनगवां क्षेत्र के वनरक्षक कोमल सिंह मरावी एवं अन्य वनरक्षकों,सुरक्षा श्रमिको की टीम को शुक्रवार एवं शनिवार की रात तीनों हाथियों की विचरण की कहीं भी सूचना सभी स्थानों पर मोबाइल के माध्यम से पता करते रहने के बाद भी नहीं मिली तभी अचानक शनिवार की सुबह 3 बजे तीनों हाथियों के ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के सरईहा टोला में पहुंचने की सूचना पर हाथियों के बिचरण की स्थिति को देखकर तीनों हाथियों को राम पदारथ सिंह एवं छोटृन सिंह के घर के समीप बांड़ी में केला एवं गन्ना को खाते हुए कच्चे घरो की ओर बढ़ते देखकर ग्रामीणों के साथ हो-हल्ला एवं विभिन्न माध्यमों से तीनों हाथियों को घर से दूर भगाया जिससे तीनों हाथी गांव के समीप सन्तोक नाला पार  कर बघमडिया जंगल से बड़का डोंगरी जंगल की ओर गए शनिवार की रात यह तीनों हाथी किस ओर निकल कर ग्रामीणों को परेशान करेंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा।

रिपोर्टर : चंद्रभान सिंह राठौर

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