संवेदनहीनता की सारी हदें पार करता वन विभाग, सीटू ने बयान पर आपत्ति जताते किया खण्डन - जुगुल राठौर
अनूपपुर/जैतहरी : प्रियासी विचारधारा में 14 अप्रैल को छापे गए मध्यप्रदेश के पन्ने में कि "पैसों के लिए महिला ने रची कूट रचित ,षड्यंत्र, हाथी एवं बीट गार्ड को बनाया निशाना" नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित किया गया है। जिस पर सीटू नेता जुगुल किशोर राठौर ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बयान को वन विभाग की संवेदनहीनता बताते हुए व्यवस्था की निर्लज्जता की सारी हदें पार करने वाले बयान बताया है।
जुगुल राठौर ने बताया कि दिनांक 25/1/2025 को ग्राम पंचायत पंडरिया के ग्राम चोई में जंगली हाथियों के उत्पात से रामपाल राठौर पिता बन्शी राठौर का गम्भीर चोट लगने से मौत हो गया था किन्तु वन विभाग गलत रिपोर्ट तैयार कर आश्रितों को राहत राशि से वंचित कर दिया गया है जिससे व्यथित होकर स्वर्गीय रामपाल की पत्नी सुधा राठौर ने मध्यप्रदेश सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी जिसकी शिकायत क्रमांक 37714540 है । वन विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत को कटवाने के लिए कई तरह के दबाव बनाया गया जब दबाव काम नहीं किया तो झूठी कहानी गढ़कर थाना जैतहरी में रिपोर्ट दर्ज कराया, उसपर भी बात नहीं बनी तो अखबारों में झूठी खबर प्रकाशित करवा कर विधवा महिला के चरित्र पर घटिया दर्जा के आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
जुगुल राठौर ने बताया कि पति के असामयिक निधन एवं दो बच्चों के जिम्मेंदारी निभाते सुधा राठौर की स्थिति असामान्य है अभी हाल में ही दिनांक 13 अप्रैल को बिरसा मुंडा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज शहडोल से इलाज करवाईं है किन्तु वन विभाग के संवेदनहीन अफसरों को जरा भी शर्म नहीं आती कि पति के असामयिक निधन से उस परिवार किस हालात से गुजर बसर कर रहे होंगे।
जुगुल राठौर ने वन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि सुधा राठौर अकेले नहीं हैं और वन विभाग उसे अकेले समझने की ग़लती न करे बल्कि इस जिले में किसान, मजदूर एवं आमजन के तकलीफ को दूर करने के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले श्रमिक संगठन सीटू साथ में हैं यदि जरूरत पड़ी तो अपने खर्चे से सुधा राठौर एवं उसके छोटे - छोटे बाल बच्चे को न्याय दिलाने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की जरूरत पड़ेगी तो जाएंगे।
रिपोर्टर : चंद्रभान सिंह राठौर


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