आलापल्ली–सिरोंचा NH-353 C पर सफर बना जोखिम भरा

गडचिरोली : जिले के आलापल्ली से सिरोंचा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग NH-353 जिले के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक, वाहन चालक और यात्री आवागमन करते हैं। लेकिन वर्तमान में इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। जगह-जगह कीचड़, गड्ढे, उखड़ा हुआ मुरुम और असमतल सड़क के कारण इस मार्ग पर सफर करना वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें बारिश के बाद सड़क की हालत और भी खराब हो गई है। कई हिस्सों में कीचड़ जमा होने से वाहनों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है, जबकि चारपहिया वाहनों को भी गड्ढों और खराब सतह के बीच से गुजरना पड़ रहा है। सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

आंदोलन हुए, रास्ता रोको हुआ; फिर भी राहत नहीं

NH-353 की दयनीय स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों, वाहन चालकों और विभिन्न संगठनों द्वारा समय-समय पर आंदोलन, रास्ता रोको और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के प्रयास किए गए। सड़क सुधारने की मांग लगातार उठती रही, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।

लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान सड़क की यही तस्वीर सामने आती है, लेकिन स्थायी रूप से सड़क को मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी कदम कब उठाया जाएगा, यह सवाल आज भी कायम है।

सड़क खराब, वाहनों का भी हो रहा नुकसान

खराब सड़क के कारण वाहनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। गड्ढों और असमतल सड़क से गुजरने के कारण वाहन चालकों को बार-बार ब्रेक लगाकर और धीमी गति से वाहन चलाना पड़ रहा है। इससे टायर, सस्पेंशन और वाहन के अन्य हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। वाहन खराब होने से नागरिकों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली पर उठ रहे सवाल आलापल्ली–सिरोंचा मार्ग केवल स्थानीय आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि गडचिरोली जिले के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की यह स्थिति सड़क निर्माण, गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग होने के बावजूद यदि लोगों को सुरक्षित और सुगम सड़क नहीं मिलती, तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मुरुम डालकर खानापूर्ति नहीं, चाहिए पक्के समाधान नागरिकों की मांग है कि सड़क पर केवल अस्थायी रूप से मुरुम या मिट्टी डालकर खानापूर्ति करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ सड़क का काम किया जाए। साथ ही बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था कर सड़क को मजबूत बनाया जाए, ताकि हर वर्ष बारिश में यही समस्या दोबारा खड़ी न हो। अब आश्वासन नहीं, काम चाहिए आंदोलन हुए, रास्ता रोको हुए, शिकायतें की गईं और प्रशासन का ध्यान भी बार-बार आकर्षित किया गया। इसके बावजूद यदि सड़क की स्थिति जस की तस बनी रहती है, तो अब सवाल केवल सड़क का नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा का है। आलापल्ली–सिरोंचा NH-353 की बदहाल तस्वीर आज व्यवस्था के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। नागरिकों की मांग स्पष्ट है—अब आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर दिखाई देने वाला स्थायी काम चाहिए।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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