किताबों में गुजरात का पार्लियामेंट्री इतिहास सुरक्षित: लाइब्रेरी कमेटी की पहली मीटिंग में धवलसिंह झाला की मौजूदगी
अरवल्ली : गुजरात लेजिस्लेटिव असेंबली की लाइब्रेरी कमेटी की पहली मीटिंग चेयरमैन श्री शंकरभाई चौधरी साहेब की अध्यक्षता में हुई, जिसमें बायड से MLA श्री धवलसिंह झाला शामिल हुए और लाइब्रेरी को और ज़्यादा कुशल और जनता के लिए उपयोगी बनाने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की।
गुजरात लेजिस्लेटिव असेंबली की लाइब्रेरी सिर्फ़ किताबों की जगह नहीं है, बल्कि ज्ञान का भंडार है जो गुजरात की पार्लियामेंट्री, डेमोक्रेटिक और ऐतिहासिक विरासत को बेहतर बनाता है।
1960 में गुजरात की स्थापना के समय लगभग 4 हज़ार किताबों से शुरू हुआ यह कलेक्शन आज 80 हज़ार से ज़्यादा किताबों तक पहुँच चुका है। यहाँ कई ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्स और सरकारी रिपोर्ट्स सुरक्षित हैं, जो कहीं और आसानी से नहीं मिलते।
पार्लियामेंट्री किताबें, कानून की किताबें, सौराष्ट्र असेंबली के डॉक्यूमेंट्स, लोकसभा की बहसें, सरकारी डॉक्यूमेंट्स, गजट, नियम और हाउस की बहसों समेत लिटरेचर का एक बड़ा कलेक्शन MLA के लिए ज़रूरी रेफरेंस मटीरियल देता है।
इसके अलावा, लाइब्रेरी में हर दिन करीब 76 अखबार मिलते हैं, जिनसे देश, दुनिया और गुजरात के मौजूदा ट्रेंड्स की जानकारी भी मिलती है।
कमिटी मीटिंग में इस कीमती धरोहर को समय की ज़रूरतों के हिसाब से और मॉडर्न, आसान, कुशल और जनता के लिए उपयोगी बनाने पर ज़रूरी चर्चा हुई।
“जहाँ सिर्फ़ जानकारी ही नहीं, बल्कि इतिहास भी किताबों में सुरक्षित है—वह है गुजरात विधानसभा की लाइब्रेरी।”
रिपोर्टर : विपुल पटेल
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