हम वंदेमातरम नहीं बोलेंगे-शहाबुद्दीन रजवी ने असदुद्दीन ओवैसी का किया समर्थन
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वंदे मातरम को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर सहमति जताई है। मौलाना बरेलवी ने स्पष्ट कहा कि वंदे मातरम कहना या न कहना पूरी तरह व्यक्ति की निजी इच्छा और आस्था का विषय है और इस पर विवाद खड़ा करना निरर्थक है। उन्होंने कहा कि अगर कोई वंदे मातरम कहता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए और जो नहीं कहना चाहता, उस पर दबाव बनाना भी गलत है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी का बयान उनकी व्यक्तिगत राय है और हर नागरिक को संविधान के तहत अपने विचार और आस्था के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 1987-88 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोहराया कि यह फैसला आज भी पूरी तरह प्रभावी है और सभी को इसका सम्मान करना चाहिए।
गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी ने अपने बयान में कहा था कि भारत का संविधान “We The People” से शुरू होता है और इसे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बनाया है। उन्होंने कहा था कि संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और सोच की आजादी देता है। ओवैसी ने यह भी कहा कि उन्हें भारत के चप्पे-चप्पे से मोहब्बत है, लेकिन वे अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत नहीं कर सकते। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि देशभक्ति और धार्मिक आस्था को लेकर किसी पर जबरदस्ती करना संविधान की भावना के खिलाफ है।

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