पॉलिटिकल पावर से 1500 करोड़ की संपत्ति तक: अशोक खरात के 'अदृश्य' आका कौन?
आज हम पर्दाफाश कर रहे हैं उस ढोंगी का, जिसने तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाया। जिस हाथ में आशीर्वाद होना चाहिए था, उन हाथों ने महिलाओं की अस्मत लूटी। 1500 करोड़ का साम्राज्य, इजराइल और तुर्की से आया आलीशान फर्नीचर, और राजनेताओं का सरंक्षण...ये कहानी है नासिक के उस अशोक खरात की, जिसने धर्म को धंधा और भक्ति को मजबूरी बना दिया। आखिर कैसे एक 'बाबा' ने 20 साल तक कानून और समाज की आंखों में धूल झोंकी? देखिए इस शैतान के साम्राज्य के अंत की पूरी दास्तां!
आपको बता दें महाराष्ट्र में खुद को 'गॉडमैन' बताकर महिलाओं का यौन शोषण करने वाले भोंदू बाबा अशोक खरात के बाद परिवार पर भी शिकंजा कस गया है। बुधवार को नासिक कोर्ट ने पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अशोक खरात को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत यानी जेल भेज दिया, तो वहीं दूसरी तरफ जांच एजेंसियों ने भोंदू बाबा के बेटे रडार पर लिया है, हालांकि उसकी पत्नी फरार हो गई। दरअसल, खुद को भगवान बताने वाले अशोक खरात को 18 मार्च को गिरफ़्तार किया गया था। अशोक खरात की दरिंदगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़िता ने जब अपनी चुप्पी तोड़ी, तो रूह कांपने वाली सच्चाई सामने आई। उस महिला के साथ यह भोंदू बाबा पिछले 10 सालों से लगातार बलात्कार कर रहा था। हद तो तब पार हो गई जब खरात की इन काली करतूतों की वजह से वह महिला गर्भवती हो गई। अपनी पोल खुलने और समाज में थू-थू होने के डर से, इस कथित बाबा ने उस महिला को धोखे से गर्भपात की दवा खिला दी। यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि ऐसी कई शिकार महिलाएं हैं जो खरात के 'तंत्र-मंत्र' के जाल में फंसकर अपनी इज्जत गंवा बैठीं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतने सालों तक यह सब कैसे चलता रहा? तो इसका जवाब है....खरात का तगड़ा पॉलिटिकल कनेक्शन। जी हां अशोक खरात ने अपनी पहुंच का ऐसा मायाजाल बुना था कि बड़े-बड़े रसूखदार उसके सामने सिर झुकाते थे।
महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रुपाली चाकणकर का नाम इस मामले में सबसे ज्यादा उछला है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में वह खरात के पांव धोती और उसके सिर पर छाता पकड़े नजर आ रही हैं। आरोप तो यहां तक हैं कि जब एक पत्रकार ने खरात के खिलाफ खबर छापी, तो खुद रुपाली ने फोन कर उसे धमकाया और खबर का खंडन करने का दबाव बनाया। जब महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली कुर्सी पर बैठा व्यक्ति ही एक बलात्कारी का कवच बन जाए, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? खरात के ट्रस्ट के बोर्ड में भी उनका नाम शामिल था, जिसके चलते अब उन्हें अपनी कुर्सी तक गंवानी पड़ी है। दरअसल, भोंदू बाबा ने सिर्फ शरीर का ही नहीं, बल्कि लोगों की जेबों का भी शिकार किया। 20 सालों की ठगी और धोखाधड़ी से उसने 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति खड़ी कर ली। सिन्नर इलाके में 12 एकड़ में फैला उसका 'शिवनिका ट्रस्ट' और आलीशान फार्म हाउस किसी सात सितारा रिसॉर्ट से कम नहीं है।
इस फार्म हाउस के लिए फर्नीचर इजराइल और तुर्की जैसे देशों से मंगाया गया था। आरटीआई कार्यकर्ता विजय कुंभर के मुताबिक, खरात ने लोगों की दुखों और परेशानियों का सौदा कर यह आलीशान जिंदगी बनाई थी। जहाँ लोग अपनी मन्नतें लेकर आते थे, वहां खरात अपनी तिजोरियां भर रहा था। वहीं पाप का घड़ा भरा और 18 मार्च को अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल स्थिति यह है कि नासिक की अदालत ने रिमांड खत्म होने के बाद खरात को 14 अप्रैल तक के लिए नासिक रोड सेंट्रल जेल भेज दिया है। सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में अब तक खरात के खिलाफ 10 FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें 8 मामले यौन शोषण के और 2 धोखाधड़ी के हैं। SIT के पास 100 से ज्यादा कॉल आए हैं, जो खरात के खिलाफ गवाही देने को तैयार हैं। वहीं SIT ने पूछताछ के लिए खरात के बेटे हर्षवर्धन को हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में उसे रिहा कर दिया गया। वहीं, उसकी पत्नी पुलिस के डर से फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
देखा जाए तो अशोक खरात का जेल जाना उन तमाम महिलाओं की जीत है, जिन्होंने बरसों तक अपनी सिसकियों को दबाए रखा। यह मामला एक सबक है कि माथे पर तिलक लगाने या गेरुआ वस्त्र पहनने से कोई 'संत' नहीं हो जाता। जो हाथ आस्था के नाम पर आबरू लूटते हैं, उनका ठिकाना सिर्फ और सिर्फ जेल की कालकोठरी होनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि SIT की जांच में और कितने सफेदपोश चेहरों से नकाब उतरता है, क्योंकि खरात तो सिर्फ एक मोहरा है, इसके पीछे छिपे असल गुनहगारों का बेनकाब होना अभी बाकी है।


No Previous Comments found.