अतीक के बेटे की मौत का सच? कार हादसे का VIDEO आया सामने

माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के परिवार से जुड़ा एक दर्दनाक मामला अब हादसे के वीडियो और सियासी बयानबाजी के बाद फिर सुर्खियों में है। जी हां 6 अगस्त को झांसी-कानपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ...कार डिवाइडर से टकराई...हवा में उछली और कई बार पलट गई...और इस हादसे में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई। हादसे के करीब छह दिन बाद अब उस खौफनाक टक्कर का वीडियो सामने आया है, जिसमें हादसे की पूरी तस्वीर कुछ ही सेकंड में दिखाई देती है। उधर छोटे भाई अबान को आखिरी विदाई देने के लिए जेल में बंद उसके भाई मोहम्मद उमर और अली अहमद को कस्टडी पैरोल पर प्रयागराज लाया गया। हथकड़ी और कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों भाइयों ने जनाजे को कंधा दिया...उमर ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ाई...और फिर अपने भाई को पिता अतीक अहमद की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया। लेकिन कहानी सिर्फ हादसे और अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है...क्योंकि इसी दौरान AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की अतीक के दोनों बेटों से मुलाकात हुई...और दावा है कि उमर और अली ने असदुद्दीन ओवैसी के लिए अपना सलाम और पैगाम भेजा। देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट...

6 अगस्त की वो तारीख...झांसी का पूंछ थाना क्षेत्र, जहां एनएच-27 पर रफ्तार का कहर देखने को मिला। अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा अबान अहमद, जो प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। कार फर्राटा भर रही थी कि अचानक गाड़ी का संतुलन बिगड़ा। कार तेज रफ्तार में डिवाइडर से टकराई, हवा में कई फीट ऊपर उछली और कई बार पलटते हुए सड़क पर जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से परखच्चे में बदल गया। कार में सवार अबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के ठीक 6 दिन बाद यानी अब, पीछे चल रही कार के डैशबोर्ड कैमरे से रिकॉर्ड हुआ वो रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे कुछ ही सेकंडों में एक चलती-फिरती जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गई। 

हालांकि वीडियो सामने आने के बाद हादसे को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे की वजह क्या थी...कार की गति कितनी थी...और किन परिस्थितियों में वाहन डिवाइडर से टकराया...इन तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है। दरअसल अबान अपने भाई अली अहमद से मिलने के लिए प्रयागराज से झांसी जा रहा था। अली अहमद को पहले नैनी जेल में रखा गया था और बाद में झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था। इसी दौरान रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। अबान की मौत की खबर सामने आते ही परिवार में मातम छा गया। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल था कि जेल में बंद उसके दोनों भाई अंतिम संस्कार में शामिल हो पाएंगे या नहीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच में उमर और अली की ओर से कस्टडी पैरोल की अर्जी दाखिल की गई। उमर लखनऊ जेल में बंद था और अली झांसी जेल में। अदालत ने दोनों को छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी। लेकिन आपको बता दें यह पैरोल सामान्य नहीं थी। दोनों भाइयों को पुलिस सुरक्षा में सीधे अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाना था...रस्में पूरी होने के बाद वापस जेल लौटना था...और मीडिया से बातचीत नहीं करने की शर्त भी रखी गई थी।
चारों तरफ पुलिस का घेरा था। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। लेकिन इसी अंतिम संस्कार के दौरान एक और मुलाकात हुई...जिसने इस पूरे मामले को सियासी चर्चा में ला दिया। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली भी अबान के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे थे। जनाजे के बाद जब उमर और अली को पुलिस सुरक्षा में मस्जिद ले जाया गया, तो वहां शौकत अली से उनकी मुलाकात हुई।

शौकत अली के मुताबिक उमर ने उन्हें देखते ही पहचान लिया। दरअसल उमर से उनकी पुरानी पहचान रही है और शौकत अली ने ही उमर को AIMIM में शामिल कराया था। मुलाकात के दौरान दोनों भाइयों ने शौकत अली को सलाम किया और उनसे असदुद्दीन ओवैसी तक अपना सलाम पहुंचाने को कहा। यानी जेल लौटने से पहले अतीक के बेटों की तरफ से ओवैसी के लिए एक संदेश गया। शौकत अली ने बाद में एक जनसभा में इस मुलाकात का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि उमर और अली ने उनसे कहा कि सदर साहब यानी असदुद्दीन ओवैसी को हमारा सलाम कहिएगा। 

अब इस एक मुलाकात ने अतीक परिवार और AIMIM के पुराने राजनीतिक रिश्तों की चर्चा फिर से तेज कर दी है। आपको बता दें कि अतीक अहमद के परिवार का AIMIM के साथ राजनीतिक संबंध पुराना रहा है। सितंबर 2021 में अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और उनके बेटे उमर ने AIMIM की सदस्यता ली थी। बाद में शाइस्ता ने निकाय चुनाव से पहले बसपा का रुख किया, लेकिन उमर और परिवार के अन्य सदस्यों के AIMIM से जुड़े रहने की बात सामने आती रही। उमर को AIMIM की कई सभाओं में भी देखा गया था। इसी वजह से शौकत अली और उमर के बीच पहले से पहचान थी। 

फिलहाल तस्वीर यही है...एक दर्दनाक सड़क हादसे में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो चुकी है। अतीक अहमद के 5 बेटों में से अब सिर्फ 3 ही जिंदा बचे हैं, जिनमें से दो जेल में सलाखों के पीछे हैं। एक तरफ जहां झांसी-कानपुर हाईवे हादसे का वीडियो वायरल होकर लोगों के रोंगटे खड़े कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कब्रिस्तान से लेकर मस्जिद तक का यह घटनाक्रम यूपी के सियासी गलियारों में एक नया तूफान खड़ा कर चुका है! अब आने वाले दिनों में दो चीजों पर नजर रहेगी...पहली...पुलिस की जांच में इस दर्दनाक सड़क हादसे की असली वजह क्या सामने आती है? और दूसरी...अबान के जनाजे से निकला यह राजनीतिक पैगाम क्या आगे किसी नए सियासी विवाद की वजह बनता है?

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