CJI का अपमान करने का प्रयास...सपा प्रमुख ने की तीखी निंदा, मायावती ने जताया दुख
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई पर एक वकील द्वारा जूता फेंकने की कोशिश के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना की तीखी निंदा की और ‘पीडीए’ (PDA) को लेकर एक नई व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा कि अब ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ समाज और अधिक अपमान सहन नहीं करेगा।
घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वकील का प्रैक्टिस लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया में अखिलेश यादव ने लिखा, पीडीए समाज का अपमान करने वाले ऐसे असभ्य लोग दरअसल अपने दंभ और अहंकार के मारे होते हैं। इनकी प्रभुत्ववादी सोच नफरत को जन्म देती है। यह नफरत जितनी देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए होती है, उतनी ही समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति के प्रति भी होती है। ऐसे लोग वर्चस्ववादी मानसिकता से ग्रसित होते हैं। इसीलिए हम कहते हैं कि पीडीए का मतलब है, पीड़ित, दुखी, अपमानित।
मायावती ने जताया दुख-
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भी इस घटना को लेकर गहरी नाराज़गी जताई और इसे 'अत्यंत दुखद और निंदनीय' करार दिया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, भारत के प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई के साथ कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभद्रता करने की जो कोशिश की गई, वह बेहद शर्मनाक और दुखद है। इस घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। सभी संबंधितों को इसका गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।
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