दो भाई के परिवार में तीसरे को जारी की गई फर्जी वंशावली
औरंगाबाद :- जिले के कुटुंबा प्रखंड के रिसियप ग्राम कचहरी पर फर्जी वंशावली जारी करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। रिकॉर्ड में गड़बड़ी पीड़ित परिवार हैरान परेशान। दो भाई के परिवार में तीसरे को जारी की गई फर्जी वंशावली-पीड़ित युगेश मेहता ने इसे लेकर लीगल नोटिस भेजा हैं। नोटिस में कहा गया है कि उनके परदादा स्व. मोहर मेहता के केवल दो ही पुत्र थे - स्व. जगदेव मेहता और स्व. बौद्ध मेहता। आरोप है कि सरपंच रेहाना परवीन ने आर्थिक प्रभाव में आकर नई वंशावली में महादेव मेहता नाम के कथित तीसरे भाई को जोड़ दिया है, जिससे परिवार का कोई नाता नहीं है। इससे पहले सरपंच ने तीन सही वंशावली जारी की थी, जो उनके पास उपलब्ध है। इसके पहले भी 2015 में रिसियप ग्राम कचहरी की तत्कालीन सरपंच द्वारा पारित आदेश में मोहर मेहता के मात्र दो दी पुत्र जगदेव मेहता और बौद्ध मेहता बताया गया था। वहीं वर्तमान सरपंच ने पहले जारी तीन वंशावली में मोहर मेहता के दो ही पुत्र जगदेव मेहता और बौद्ध मेहता बताया है, तो अब नई वंशावली में तीसरा पुत्र कहां से आ गया, जो जांच का विषय हैं?
कोर्ट में लंबित है मामला, फिर भी जारी हुई वंशावली-
पीड़ित के अनुसार कुटुंबा अंचल के दाखिल-खारिज वाद संख्या 725/2014-15 से जुड़ा विवाद पहले से लंबित है। इसको लेकर टाइटल सूट संख्या 527/2014 कोर्ट में और अपील सक्षम प्राधिकारी के समक्ष चल रही है। इसके बावजूद नई वंशावली जारी कर दी गई, जो नियमानुकूल नही होने के साथ ही न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप सरीखा है। लीगल नोटिस के बावजूद नहीं रुका फर्जीवाड़ा-इसे लेकर पीड़त ने रिसियप ग्राम कचहरी के सरपंच रेहाना परवीन, सरपंच पति रशीद आलम और पंचायत सचिव कलेंद्र यादव को अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा था, फिर भी तीनों ने मिलकर फर्जी वंशावली जारी कर दी। सरपंच पति ने कहा- आरोप निराधार, लीगल नोटिस का भेज दिया जवाब-वहीं सरपंच पति रशीद आलम ने सभी आरोपों को निराधार बताया। कहा कि लीगल नोटिस का जवाब अधिवक्ता के माध्यम से भेज दिया गया है।
रिपोर्टर : रमाकांत सिंह

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