अयोध्या में दफनाया जा रहा अब्दुल रहमान का शवः मस्जिद में नमाज अदा की गई

अयोध्या : अयोध्या में आज अब्दुल रहमान का शव दफनाया जाएगा। जनाजे से पहले अब्दुल के घर से 100 मीटर की दूरी पर स्थित मस्जिद में नमाज अदा की गई। परिजन और अन्य लोग जनाजा लेकर कब्रिस्तान के ओर निकल चुके हैं। जनाजे में करीब 200 लोग शामिल हैं। जनाजा निकलते ही अब्दुल रहमान की मां, बुआ और अन्य लोग चीख-चीखकर रोने लगे। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल के जवान रात से ही तैनात हैं। अब्दुल रहमान फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में बंद था। जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में उसके साथी कैदी अरुण चौधरी ने 8 फरवरी को नुकीली चीज से हमला कर हत्या कर दी थी। इसके बाद परिजन मंगलवार रात को शव लेकर लगभग 650 किलोमीटर दूर पैतृक गांव मंजनाई आए। शव देखने ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। अब्दुल रहमान की मां और तीनों छोटी बहनें फूट-फूटकर रोने लगीं। अब्दुल रहमान पर अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश का आरोप था। पूर्व प्रधान पवन यादव ने कहा- फरीदाबाद जेल में हुई घटना की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली। वहां एक कैदी ने अब्दुल रहमान की हत्या कर दी। यह बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि इतनी हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर इस तरह की वारदात होना बड़ी बात है। जब जेल के अंदर ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। पवन यादव ने कहा- यह घटना पूरी तरह से प्रायोजित लगती है। हाई सिक्योरिटी जेल में ऐसी घटना सामान्य नहीं मानी जा सकती। यदि जेल में ही कैदी सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार की जरूरत है। अब्दुल रहमान के चाचा उस्मान ने कहा- प्रशासन का रवैया ठीक नहीं था। अधिकारियों ने उनसे कहा कि अगर बॉडी ले जाना चाहते हो तो ले जाओ। उस्मान ने कहा- उन्हें शव को खोलकर ठीक से देखने तक नहीं दिया गया, जिससे वे यह जान सकें कि शरीर पर कहां-कहां चोट के निशान थे। अब्दुल रहमान मूल रूप से अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के मंजनाई गांव का रहने वाला था। 20 साल के अब्दुल को गुजरात ATS ने 2 मार्च 2025 को अरेस्ट किया था। छानबीन के बाद दावा किया था कि अब्दुल अलकायदा इन इंडियन सब कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात अबू सूफियान के संपर्क में था। अब्दुल की गिरफ्तारी के समय जांच एजेंसियों को उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिनको बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया था। राम मंदिर से जुड़े वीडियो भी मिले थे उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। जांच में पता चला था कि करीब डेढ़ साल से अब्दुल रहमान सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था सबसे पहले अब्दुल ने टिकटॉक पर अपना अकाउंट बनाकर भड़काऊ वीडियो डालना शुरू किया। टिकटॉक पर बैन लगा तो अब्दुल इंस्टाग्राम पर एक्टिव हो गया। इंस्टाग्राम पर भी अब्दुल रहमान ने कई भड़काऊ वीडियो और तकरीरें डालना शुरू किया। इसके चलते कई बार उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को स्ट्राइक डाउन किया गया। भड़काऊ वीडियो को देखकर अब्दुल अबू सूफियान की नजरों में चढ़ा। इसके बाद अब्दुल रहमान को अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) ने ब्रेनवॉश कर आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग देनी शुरू की सोशल मीडिया से ही जांच एजेंसियों के रडार पर आया अब्दुल रहमान के बार-बार अकाउंट पर स्ट्राइक आने के बाद वह जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया था। हरियाणा STF, गुजरात एसटीएफ और यूपी एसटीएफ ने उसे ट्रैक करना शुरू कर दिया। अबू सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए फरीदाबाद में 2 हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपा दिए थे। इसके बाद उसे 4 अप्रैल को अयोध्या जाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन 2 मार्च को ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने उसे दबोच लिया था। तिंगाव ACP अशोक वर्मा ने बताया कि सिक्योरिटी बैरक में केवल तीन ही बंदी थे, एक यूपी का अब्दुल रहमान, दो जम्मू कश्मीर के अरूण चौधरी और शोएब रियाज। अरूण चौधरी और शोएब रियाज को एक साथ ही जम्मू कश्मीर से सुरक्षा कारणों के चलते नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था पहले तीनों कैदी अलग-अलग बैरक में थे। मगर, 15 दिन पहले ही तीनों को एक साथ इस सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। राम मंदिर बनने से नाराज था, अरुण से होता था झगड़ा जेल सूत्रों के मुताबिक अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट और अब्दुल रहमान के बीच में राम मंदिर को लेकर 10 दिन से विवाद चल रहा था। राम मंदिर बन जाने से वह अक्सर नाराज रहता था। वह अपने धर्म को ही सबसे ऊपर बताता था। दूसरी तरफ अरुण चौधरी को पता चल गया था कि अब्दुल रहमान ने अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में आकर अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता था।

रिपोर्टर : सुनील 

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