नाराज ग्राम प्रधान आत्मदाह को निकले, प्रशासन ने समझा बुझाकर कराया शांत

मिल्कीपुर : अमानीगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पूरा उर्फ सुमेरपुर में सरकारी भूमि पर आंगनवाड़ी भवन एवं आरसीसी सेंटर का निर्माण स्थानीय तहसील प्रशासन के चलते ढुलमुल रवैया के चलते अधर में लटका पड़ा है। जिलाधिकारी द्वारा ग्राम समाज की जमीन में निर्माण कराए जाने का आदेश भी एसडीएम की नजर में बौना बना हुआ है। जिसके चलते ग्राम प्रधान आदर्श श्रीवास्तव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में प्रधान ने ग्राम पंचायत में प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्र एवं आरआरसी सेंटर निर्माण को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राम प्रधान के अनुसार ग्राम सभा के राजस्व अभिलेखों में बंजर खाते में दर्ज सरकारी भूमि में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव भूमि प्रबंध समिति से पारित होने के बाद शासन से निर्माण की स्वीकृति मिली और कार्य शुरू भी हुआ। लेकिन गांव के कुछ लोगों ने विरोध करते हुए निर्माणाधीन ढांचे को गिरा दिया। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। उनका आरोप है कि केस दर्ज होने के बावजूद निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। प्रधान ने बताया कि उन्होंने कई बार मिल्कीपुर के उपजिलाधिकारी सुधीर कुमार से मुलाकात की। हर बार आश्वासन मिला कि निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसडीएम पर भी मौके पर न पहुंचने और कार्य शुरू न कराने का आरोप लगाया। प्रधान ने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ की शरण ली, जहां से ग्राम पंचायत के पक्ष में निर्माण कार्य कराने का आदेश मिला। इसके बावजूद बीते शनिवार की रात कथित रूप से एसडीएम द्वारा उसी गाटा संख्या में किसी अन्य व्यक्ति से निर्माण शुरू करा दिया गया। प्रधान का आरोप है कि रात दो बजे से काम कराया जा रहा था और हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा था। अवैध निर्माण की जानकारी जिलाधिकारी को दिए जाने के बाद निर्माण कार्य रुका। आक्रोशित प्रधान ने मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी और अयोध्या के लिए रवाना हो गए। सूचना पर खुफिया विभाग व प्रशासन सक्रिय हुआ। अंततः पूर्व विधायक और एलआईयू इंस्पेक्टर के समझाने तथा निर्माण कार्य शुरू कराने के आश्वासनों के बाद प्रधान रास्ते से ही वापस लौट आए। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ। इस संबंध में एसडीएम सुधीर कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है, जो सरकारी भूमि में जो अवैध निर्माण हो गया है, उस पर धारा 67 के तहत कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकार से एसडीएम द्वारा तत्काल अवैध निर्माण कराए गए मामले में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही न करते हुए धारा 67 की कार्यवाही किए जाने का राग अलापा जाना उनकी प्रशासनिक कार्य शैली पर स्वत: ही सवालिया निशान लगा रहा है।

रिपोर्टर : सुनील तिवारी

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