फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को 5 बड़े फायदे

अयोध्या - फार्मर रजिस्ट्री यानी ‘एग्री स्टैक’ के तहत किसानों का डिजिटल डेटाबेस बनाया जा रहा है। इसमें जमीन, फसल, बैंक डिटेल सब एक जगह लिंक होगी। इससे किसानों को सीधे ये फायदे मिलेंगे:

1. सरकारी स्कीम का तुरंत लाभ 
- PM-KISAN, फसल बीमा, सब्सिडी के लिए बार-बार कागज नहीं देना पड़ेगा। रजिस्ट्री में नाम होते ही ऑटो वेरिफिकेशन हो जाएगा। पैसा सीधे खाते में।
- गलत भुगतान रुकेगा: फर्जी किसान बाहर होंगे, असली किसानों को पूरा लाभ मिलेगा।

2. KCC और लोन में आसानी 
- किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए जमीन के कागज लेकर बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बैंक रजिस्ट्री से ही जमीन-फसल का ब्योरा देखकर तुरंत लोन दे देगा।
- कम ब्याज पर लोन: सही रिकॉर्ड होने से बैंक का भरोसा बढ़ेगा।

3. MSP पर फसल बेचना आसान 
- मंडी/खरीद केंद्र पर रजिस्ट्री नंबर बताते ही जमीन-फसल का सत्यापन हो जाएगा। टोकन के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।
- डिजिटल टोकन, SMS से पेमेंट की जानकारी मिलेगी।

4. आपदा में तुरंत मुआवजा 
- सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि से नुकसान पर पटवारी रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सैटेलाइट + रजिस्ट्री डेटा से प्रभावित खेत की पहचान कर सीधे खाते में मुआवजा आएगा।

5. बाजार और सलाह का फायदा 
- रजिस्टर्ड किसानों को मौसम, मंडी भाव, नई तकनीक की सलाह SMS/WhatsApp पर मिलेगी।
- प्राइवेट कंपनियां भी सीधे किसानों से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के लिए संपर्क कर पाएंगी। बिचौलिया हटेगा।

जरूरी बात: रजिस्ट्री फ्री है। कॉमन सर्विस सेंटर या कृषि विभाग में आधार, खतौनी, बैंक पासबुक से 5 मिनट में बन जाती है। एक बार बन गई तो हर योजना के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन का झंझट खत्म।

कुल मिलाकर फार्मर रजिस्ट्री ‘किसान का डिजिटल पहचान पत्र’ है। जिसके पास है, उसे सरकारी मदद सबसे पहले और बिना दौड़-भाग के मिलेगी।

रिपोर्टर - आईबी सिंह

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