भारत सरकार में मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति, व सुप्रीम कोर्ट के पैनल को संबोधित कानून में सुधार हेतु दिया जाएगा ज्ञापन

अयोध्या : राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया जाएगा अंतिम निर्णय आरक्षण नीति पर सवर्ण छात्रों की नाराज़गी: योग्यता को प्राथमिकता मिले राष्ट्रीय पत्रकार संघ के मीडिया प्रभारी आईबी सिंह ने कहा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अलग अनुदान पर विचार हो

 आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आईबी सिंह ने बयान जारी कर सवर्ण छात्रों की चिंताओं को सरकार के सामने रखा है।

आईबी सिंह के अनुसार, मौजूदा आरक्षण प्रणाली से योग्य छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।
उनका तर्क है कि 80% अंक लाने वाला सामान्य वर्ग का छात्र यदि नौकरी से वंचित रह जाता है, जबकि कम अंक पर आरक्षित वर्ग का छात्र चयनित हो जाता है,
तो इससे प्रतिभा का नुकसान और बेरोजगारी बढ़ती है। 

उन्होंने मांग की कि सरकारी नौकरियों और शिक्षा में चयन का आधार केवल योग्यता हो। आर्थिक रूप से कमजोर और शिक्षा में पिछड़े वर्गों की मदद के लिए सरकार और विपक्ष को अलग से अनुदान, स्कॉलरशिप या कोचिंग जैसी सहायता देनी चाहिए, न कि जाति आधारित कोटा।

बयान में उन्होंने कहा कि सवर्ण छात्र अब इस मुद्दे पर मुखर हो रहे हैं। यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन की स्थिति बन सकती है। 

साथ ही उन्होंने कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका से अपील की कि "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत को जमीन पर उतारने के लिए कानून में समानता सुनिश्चित की जाए। वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर देश के युवाओं के भविष्य पर फैसला हो।

संपादकीय टिप्पणी:  
आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए लागू है। सुप्रीम कोर्ट ने 50% की सीमा तय की है। समय-समय पर EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10% आरक्षण भी दिया गया है। इस मुद्दे पर समाज के सभी वर्गों के अलग-अलग मत हैं। कोई भी नीतिगत बदलाव संसद, सरकार और न्यायालय की प्रक्रिया से ही संभव है।

आईबी सिंह, राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी

आरक्षण पर सवर्ण छात्रों की मांग, चयन का आधार योग्यता हो

राष्ट्रीय पत्रकार संघ के आईबी सिंह ने कहा कि आरक्षण से योग्य छात्र वंचित हो रहे हैं। 
उन्होंने मांग की कि सरकारी नौकरी में चयन केवल योग्यता पर हो।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अनुदान या स्कॉलरशिप से मदद दी जाए। निर्णय संसदीय प्रक्रिया से हो।
उक्त के संबंध में मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को, विचार करने हेतु पत्रकार संघ के द्वारा ज्ञापन देने का प्रारूप बनाया जा रहा है। 

रिपोर्टर : आईबी सिंह

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