राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हो रहे नए नए खुलासे भक्ति आहत,अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में नए दावे
अयोध्या : निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि प्रभात सिंह ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल वर्षों से कोर्ट कचहरी व टीवी डिबेट में भाग लेकर मंदिर का पक्ष रखते थे निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि व पूर्व पावर ऑफ अटॉर्नी प्रभात सिंह श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती को लेकर चल रही एसआईटी जांच के बीच नए दावे सामने आए हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास उर्फ, बौरा बाबा के प्रतिनिधि पावर ऑफ अटॉर्नी प्रभात सिंह, निवासी हलियापुर सुल्तानपुर ने मीडिया से बातचीत में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कई आरोप लगाए हैं।
प्रभात सिंह का कहना है कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान सुरक्षा और निगरानी में खामियां रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नोट गिनने वाले कर्मचारियों की शिफ्ट के बाद कोई तलाशी नहीं होती थी और ड्रेस कोड का पालन भी नहीं था। उनके मुताबिक ट्रस्ट की बैठकों में सीमित लोगों की ही चलती थी।
उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रहे राम मंदिर विवाद मुकदमे में निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट में मंदिर का पक्ष रखा था। राम मंदिर आंदोलन व सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदमों में निर्मोही अखाड़े की प्रमुख भूमिका थी। लेकिन उसे सरकार द्वारा नजरअंदाज की बार बार कोशिश की गई थी। लेकिन सत्य नहीं छुपता अब चढ़ावा मामले के बाद अखाड़े को बड़ी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। प्रभात सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास को कर्मठ और ईमानदार बताया।
मामले में एसआईटी ने चढ़ावा गिनने वाले कर्मियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव, राजेश पाठक आदि से पूछताछ की है। जांच में प्रक्रियागत खामियों की बात सामने आई है। ट्रस्ट की ओर से अभी इन आरोपों पर आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह सभी आरोप प्रभात सिंह द्वारा मीडिया को दिए गए बयान पर आधारित हैं। अभी इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। किसी भी व्यक्ति/संस्था पर अंतिम निर्णय जांच और न्यायालय की प्रक्रिया से ही होगा। राम मंदिर चढ़ावा मामले दावे के मुताबिक
निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि प्रभात सिंह ने आरोप लगाया कि चढ़ावा गिनती में लापरवाही हुई। कर्मियों की चेकिंग नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि वर्षों से मुकदमा लड़ रहे अखाड़े को जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। एसआईटी जांच जारी है।
देखना है पारदर्शिता के साथ जांच में जो भी दोषी हैं उन पर कार्रवाई होती है या की लीपापोती होती है।
रिपोर्टर : आईबी सिंह
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