कृषि विवि में धान के पत्ती लपेटक कीट नियंत्रण पर शोध शुरू
अयोध्या - आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन तथा निदेशक शोध के प्रयास में धान की फसल में पत्ती लपेटक (लीफ फोल्डर) कीट के नियंत्रण के लिए फील्ड ट्रायल शुरू किया गया है। मुख्य प्रायोगिक केंद्र पर धान की प्रजाति एन.डी.आर-2065 की नर्सरी की रोपाई कर परीक्षण की शुरुआत की गई।कीट विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य धान के पत्ती लपेटक के विरुद्ध कीटनाशी जैव दक्षता का मूल्यांकन करने के साथ-साथ प्राकृतिक शत्रु जीवों पर उसके प्रभाव तथा फसल पर संभावित फाइटोटॉक्सिसिटी (हानिकारक प्रभाव) का वैज्ञानिक आकलन करना है। इसके माध्यम से धान में विभिन्न कीट प्रबंधन तकनीकों का अध्ययन कर किसानों के लिए उपयोगी सिफारिशें तैयार की जाएंगी। इसकी रोपाई पंक्ति से पंक्ति 20 सेंटीमीटर तथा पौध से पौध 10 सेंटीमीटर की दूरी पर की गई है। खेत की कतारों की दिशा पूर्व से पश्चिम रखी गई है, ताकि पौधों को पर्याप्त प्रकाश एवं समान वृद्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल सकें। परीक्षण रैंडमाइज्ड ब्लॉक डिज़ाइन (आरबीडी) के तहत तीन पुनरावृत्तियों और सात उपचारों के साथ किया जा रहा है। प्रत्येक प्लॉट का आकार 25 वर्गमीटर रखा गया है। कीटनाशी का पहला छिड़काव आर्थिक क्षति स्तर (ईटीएल) प्राप्त होने पर तथा दूसरा 15 दिन बाद किया जाएगा। इस परीक्षण में संकाय सदस्य डॉ. रामवीर के साथ परास्नातक एवं शोध छात्र भी शामिल हैं।
रिपोर्टर - राहुल पांडेय
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