न्यायालय के आदेश पर चोरी से शीशम का पेड़ काटने वाले 7 आरोपियों पर मुकदमा हुआ दर्ज
अयोध्या : जनपद के खंडासा थाना क्षेत्र में बिना अनुमति चोरी-छिपे शीशम का कीमती पेड़ काटकर उठा ले जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस प्रशासन द्वारा ढिलाई बरतने पर पीड़ित ने जब अदालत का दरवाजा खटखटाया, तो अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय (ACJM II) अयोध्या के कड़े रुख के बाद स्थानीय पुलिस को हरकत में आना पड़ा। न्यायालय के निर्देश पर खंडासा पुलिस ने गांव के ही सात आरोपियों के खिलाफ चोरी समेत वृक्ष संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
मिली जानकारी के अनुसार, खंडासा थाना क्षेत्र के ग्राम बरौली पूरे तोर निवासी विपिन का आरोप है कि बीते 4 दिसंबर 2025 को उनके खेत के बगल लगा शीशम का एक विशालकाय और कीमती पेड़ गांव के ही कुछ लोगों ने जबरन और चोरी-छिपे काट डाला। आरोपी पेड़ की लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि जब उसने इस अवैध कटान का विरोध करना चाहा, तो दबंगों ने उसकी एक न सुनी।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित विपिन ने 4 दिसंबर 2025 को खंडासा थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायती पत्र दिया। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
थाने से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या के समक्ष भी गुहार लगाई और प्रार्थना पत्र दिया। हालांकि, उच्चाधिकारियों के पास चक्कर काटने के बावजूद जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब पीड़ित ने न्यायलय की शरण लेने का फैसला किया।
थाना और पुलिस प्रशासन के सुस्त रवैये से परेशान होकर पीड़ित ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, अयोध्या के समक्ष न्याय की गुहार लगाते हुए याचिका दायर की।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों को अत्यंत गंभीर माना। अदालत ने खंडासा थानाध्यक्ष को संबंधित धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत कर विवेचना करने का कड़ा आदेश जारी किया।
अदालत के आदेश का अनुपालन करते हुए खंडासा पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी भोलानाथ सिंह, संजय सिंह, अनुराग सिंह, अभिमन्यु सिंह, राजेश सिंह, विश्वनाथ, दिवाकर के विरुद्ध चोरी तथा उत्तर प्रदेश ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में वृक्षों का संरक्षण अधिनियम, 1976 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
रिपोर्टर : सुनील तिवारी
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