झटका बैन से किसान बेहाल पर जनप्रतिनिधि विधायक,सांसद,जिला पंचायत अध्यक्ष,ब्लाक प्रमुख खामोश,फसल कौन बचाएगा

अयोध्या : सुल्तानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के 9 अगस्त के आदेश पत्रांक 1250 के बाद जनपद में अवैध झटका मशीनों पर रोक लग गई है। आदेश में टीम गठित कर जांच के निर्देश हैं। क्योंकि करंट से दुर्घटना की संभावना है।

लेकिन रोक के साथ विकल्प न देने से किसान सड़क पर आने को मजबूर है।
किसान की पीड़ा  
रात भर जागो तब भी नीलगाय, सुअर और छुट्टा गोवंश खेत साफ कर दे रहे हैं। झटका मशीन के बिना फसल बचाना नामुमकिन है ये कहना है क्षेत्रीय किसानों का।
किसानों का तर्क है कि जो किसान नियम-मानकों का पालन कर रहे हैं लो-वोल्टेज मशीन चला रहे हैं, उन्हें क्यों घसीटा जा रहा है। दोषी वो हैं जो सीधा विद्युत कनेक्शन दे रहे हैं।
किसानों की 3 बड़ी मांगें DM से सोलर फेंसिंग  9-12V लो-वोल्टेज झटका मशीन को कानूनी अनुमति दी जाए। इससे जानवर भागेंगे, जनहानि नहीं होगी। कई राज्यों में ये लागू है।
हर न्याय पंचायत में पक्की गौशाला बने ताकि आवारा पशुओं का स्थायी समाधान हो।
वन विभाग की टीम नीलगाय भगाने के लिए सक्रिय हो।
जनप्रतिनिधियों पर सवाल  
सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस संकट पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी क्यों?
किसानों का कहना है कि भाजपा विधायक सुरेश पासी, अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष  में से अब तक किसी का किसानों के हित में एक भी बयान नहीं आया। 
चुनाव में किसान अन्नदाता जीत के बाद किसान अनाथ। लागत बढ़ गई, मुनाफा खत्म। ऊपर से फसल भी जानवर खा जाएं तो किसान खेती क्यों करेगा। कल को रोटी का संकट आएगा तो जिम्मेदार कौन किसानों ने तीखा सवाल किया।
आगे की रणनीति  
जल्द ही क्षेत्र के किसानों का प्रतिनिधिमंडल DM सुल्तानपुर से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा। 
किसानों का साफ कहना है - करंट से मौत गलत है इसलिए बैन सही है, लेकिन बैन के साथ विकल्प देना सरकार की जिम्मेदारी है। सिर्फ रोक से किसान बर्बाद हो जाएगा।

रिपोर्टर : आईबी सिंह

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