उस्कामऊ की 300 मीटर सड़क बनी भ्रष्टाचार की मिसाल: 2012 से उखड़ी पड़ी है
अयोध्या : जिला पंचायत की सड़क प्राथमिक स्कूल के बच्चे कीचड़ में जाने को मजबूर, दुर्गा पूजा से पहले भी प्रधान प्रतिनिधि मौन उस्कामऊ तौधिकपुर ग्राम सभा, सुल्तानपुर, बल्दीराय तहसील क्षेत्र के गांव की विकास के दावों की हकीकत देखनी हो तो उस्कामऊ प्राथमिक विद्यालय के बगल से गुजरने वाली इस 250-300 मीटर की सड़क को देख लीजिए। ये वही संपर्क मार्ग है जो एक तरफ उस्कामऊ ग्राम सभा की दलित बस्ती से दत्ता पांडेय पुरवा को जोड़ता है* और दूसरी तरफ सीधे उस्कामऊ गांव को जाता है। फोटो में दो रास्ते दलित बस्ती से दत्ता पांडेय पुरवा संपर्क मार्ग। सीधी अंदर जाने वाली सड़क प्राथमिक विद्यालय उस्कामऊ के बगल से उस्कामऊ गांव को जाने वाली सड़क। इसी रास्ते से रोज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल पढ़ने आते हैं।
आज दोनों सड़कों की हालत बद से बदतर है। पूरी सड़क पर घुटने भर कीचड़, पानी और ट्रैक्टरों के टायरों के गहरे निशान हैं। पैदल चलना भी दूभर है।
बच्चों की पढ़ाई पर संकट दुर्गा पूजा पर भी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में बच्चे फिसल कर गिर जाते हैं। कपड़े खराब हो जाते हैं, और समय से स्कूल नहीं जा पाते। अब दुर्गा पूजा नजदीक है, पूरे उस्कामऊ ग्राम सभा की महिलाओं बुजुर्गों और बच्चों का आवागमन दुर्गा पूजा देखने के लिए इसी रास्ते से होता है, लेकिन रास्ते की हालत देखकर लोग आने-जाने से कतराते हैं।
साल से नहीं बनी सड़क, ग्राम निधि कहां गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क 2012-2013 में तत्कालीन वार्ड नं. 25 के जिला पंचायत सदस्य अवधेश प्रताप सिंह (उमरा) द्वारा जिला पंचायत निधि से बनवाई गई थी। बनने के बाद ही कुछ समय बाद बाद सड़क उखड़ गई। और तब से आज तक ऐसी ही पड़ी है।
जबकि इस बीच ग्राम निधि, ब्लॉक प्रमुख निधि, जिला पंचायत, विधायक और सांसद निधि से करोड़ों रुपये आए। मात्र 250-300 मीटर की इस सड़क को तो ग्राम निधि से ही आसानी से बनाया जा सकता था।
यह सड़क दो ग्राम सभाओं - उस्कामऊ और तौधिकपुर के बॉर्डर पर है। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी तौधिकपुर ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि की भी बनती है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वे इस ओर कोई ध्यान नहीं देना चाहते।
हलियापुर क्षेत्र में तौधिकपुर से उस्कामऊ तक यही कहानी है। कागज पर इंटरलॉकिंग, नाली, खड़ंजा 100% पूरा दिखा दिया जाता है, धरातल पर 50% भी नहीं होता। जांच करने वही अधिकारी आते हैं जो भ्रष्टाचार में शामिल होते हैं।
ग्रामीणों की मांग
जिला पंचायत और BDO बल्दीराय इस 300 मीटर सड़क का तत्काल स्थलीय निरीक्षण करें।
2. दुर्गा पूजा से पहले इसे मिट्टी-मौरंग डालकर चलने लायक बनाया जाए और बाद में पक्का निर्माण कराया जाए।
पिछले 10 साल की ग्राम निधि और जिला पंचायत निधि की सोशल ऑडिट कराई जाए।
अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीणों ने RTI और उच्चाधिकारियों से शिकायत की चेतावनी दी है।
रिपोर्टर : आईबी सिंह

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