खंडासा में गड्ढे में गिरकर बाइक सवार का टूटा हाथ

अयोध्या - जनपद के अमानीगंज ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत बहादुरगंज-अमानीगंज संपर्क मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। सड़क पर सैंकड़ों बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। मगर जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। रविवार सुबह एक बार फिर यही हकीकत सामने आई जब महमदपुर गांव निवासी अंबिका प्रसाद द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक सड़क में हुए गड्ढे में गिर गई और उन्हें गंभीर चोटें आई। घटना के बाद आसपास के लोग दौड़े और उन्हें उठाकर सड़क के किनारे बिठाया। लोगों ने देखा कि कीचड़ से भीगे अंबिका प्रसाद के बाएं हाथ की हड्डी टूट कर बाहर निकल गई है और हाथ से खून निकल रहा है। स्थानीय निवासी ताज मोहम्मद व धर्मराज ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खंडासा पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

आपको बता दें कि खंडासा-अमानीगंज संपर्क मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पानी भरे गड्ढे में बैटरी रिक्शा पलटने से यात्री घायल होते रहते हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद नहीं टूट रही। पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों।

जबकि हाल ही में खंडासा निवासी एडवोकेट सूरज कौशल द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग के जूनियर इंजीनियर प्रशांत मणि त्रिपाठी को फोन न उठाने पर वाट्सअप के माध्यम से सड़क में हुए गड्ढों और इसकी बदहाली की जानकारी दी गई थी। परन्तु उन्होंने अनदेखा कर दिया और कोई रिप्लाई करना मुनासिब नहीं समझा, जिसका नतीजा अंबिका प्रसाद द्विवेदी के साथ हुए दुर्घटना के रूप में सामने आया। क्षेत्र के निवासी विगत कई वर्षों से इस आस में हैं कि कब इस सड़क का स्थायी निर्माण होगा। विडंबना यह है कि इसी मार्ग से जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी आवागमन करते हैं, ताज्जुब की बात है कि उन्हें इतने बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई नहीं देते। 

वहीं विद्यालय आने जाने वाले स्कूली बच्चों को रोज इन्हीं गड्ढों से गुजरना पड़ता है। कीचड़ भरे रास्ते में गुजरने से उनकी ड्रेस खराब हो जाती है। साथ ही खंडासा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण 24 घंटे एंबुलेंस का आवागमन भी इसी रास्ते होता है। गड्ढों के कारण मरीजों को अधिक तकलीफ झेलनी पड़ती है। अस्पताल पहुंचते पहुंचते मरीज और बेहाल हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विगत कई वर्षों से उक्त सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है, बार-बार शिकायत के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। लोग अब पीडब्ल्यूडी विभाग, शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गड्ढा मुक्त अभियान को सिर्फ प्रचार तक सीमित न रखकर इस मार्ग के नवीनीकरण अथवा मरम्मत की मांग कर रहे हैं।

रिपोर्टर - सुनील तिवारी 

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