कागजों पर 100% जलापूर्ति, धरातल पर 20% बूंद-बूंद को तरस रहे उसकामऊ शाहित क्षेत्र के लोग
अयोध्या : केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का एक और काला सच बल्दीराय ब्लॉक के ग्राम पंचायत उसकामऊ में उजागर हुआ है। यहां सरकारी पोर्टल कुछ और कह रहा है। और धरातल की हकीकत कुछ और ऐसा आरोप उसका मऊ ग्राम सभा के प्रधान अरुण प्रताप सिंह ने लगाते हुए ऑनलाइन शिकायत जिलाधिकारी व अन्य उच्च अधिकारियों से की है उन्होंने बताया, फक्तेपुर एवं उसकामऊ ग्राम पंचायत वाटर सप्लाई स्कीम
कार्यदायी संस्था यूनिवर्सल मैप स्थिति कार्य पूर्ण
239 घरों 100% में नियमित जलापूर्ति हो रही है।
वर्तमान स्थिति गांव संचालन एवं रखरखाव O&M में है।
धरातल की सच्चाई
ग्रामीणों के अनुसार यह आंकड़ा पूरी तरह से फर्जी है। अधिकांश घरों में आज तक नल की टोंटी तक नहीं लगी है। जिन दो-चार घरों में टोंटी लगी भी है, वहां महीनों से एक बूंद पानी नहीं आया। आज भी पूरा गांव हैंडपंप और निजी सम र्सिबल पर निर्भर है।
योजना का इतिहास और लक्ष्य
यह जानना जरूरी है कि जल जीवन मिशन की शुरुआत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 15 अगस्त 2019 को की गई थी। इसका लक्ष्य था 2024 तक हर घर नल से जल। इसके लिए केंद्र सरकार ने 3.60 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था।फक्तेपुर व उसकामऊ ग्राम पंचायत वाटर सप्लाई स्कीम की पूरी जिम्मेदारी एक ही कंपनी पर है
मेसर्स यूनिवर्सल एमईपी प्रोजेक्ट्स एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड Universal MEP Projects & Engineering Services Ltd. - UPESL
यह कंपनी वोल्टास लिमिटेड Voltas L td. की 100% सहायक कंपनी है।
वोल्टास टाटा ग्रुप की कंपनी है। इसलिए गांव में लोग इसे टाटा -यूनिवर्सल कंपनी भी कहते हैं,
कंपनी के जिम्मे क्या-क्या था।
बोरिंग ट्यूबवेल खोदना
पानी की टंकी OHT बनाना
पंप हाउस और क्लोरीन प्लांट लगाना
गांव-गांव पाइपलाइन बिछाना
हर घर में टोंटी FHTC के साथ नल कनेक्शन देना
सड़क मरम्मत और 10 साल तक O&M संचालन एवं रखरखाव
नोडल एजेंसी स्टेट वाटर एंड सेनिटेशन मिशन उत्तर प्रदेश
क्रियान्वयन एजेंसी उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण)
EPC ठेकेदार UNIVERSAL MEP TATA Group
कंपनी ने कागज पर सरकार को बता दिया कि हमने 239 घरों में 100% सप्लाई दे दी और गांव O&M में है, जबकि धरातल पर टोंटी भी नहीं लगी। अब 10 साल तक इसी कंपनी को पानी चलाना था, पर पानी आया ही नहीं तो चलाएगी क्या
ठेकेदार कंपनी यूनिवर्सल एमईपी प्रोजेक्ट्स टाटा ग्रुप की कंपनी वोल्टास की इकाई द्वारा
लेकिन कार्य की धीमी गति और एजेंसियों की लापरवाही के कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी समय-सीमा बढ़ाकर दिसम्बर 2028 कर दी है यह योजना वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 735 योजनाओं में से एक है। आरोप है कि एजेंसी ने टेंडर लेकर पाइपलाइन आधी-अधूरी बिछाकर काम छोड़ दिया और कागजों में कार्य पूर्ण दिखा दिया। ऐसा ग्राम प्रधान का आरोप है।
सबसे बड़ा सवाल झूठी प्रगति रिपोर्ट किसने चढ़ाई
जब 239 घरों में पानी पहुंचा ही नहीं तो 100 प्रतिशत जलापूर्ति का स्टेटस पोर्टल पर किसने अपडेट किया क्या अगर यह जानकारी सही है तो जिम्मेदार कौन UNIVERSAL MEP एजेंसी ने बिना ट्रायल रन और बिना प्रेशर टेस्ट के ही कार्य पूर्ण दिखाकर भुगतान ले लिया ऐसा ग्रामीण व कुछ प्रधान का आरोप है
क्या O&M में डालकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया।
प्रदेश के 97 हजार से अधिक गांवों में से 10 हजार से ज्यादा गांव पुरानी योजनाओं के भरोसे हैं। जिनमें से 2200 से अधिक गांवों में आज भी जलापूर्ति बाधित है। उसकामऊ भी उसी सूची में शामिल होता दिख रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामवासियों ने स्टेट वाटर एंड सेनिटेशन मिशन उत्तर प्रदेश से जनहित में अपील की है कि गांव का तत्काल स्थलीय सत्यापन कराया जाए।
निष्पक्ष थर्ड पार्टी से जांच कराई जाए।
यदि रिकॉर्ड और धरातल में अंतर मिले तो जिम्मेदार अवर अभियंता ठेकेदार और डाटा फीडिंग करने वाले ऑपरेटर पर कठोर कार्रवाई हो। हर घर में वास्तविक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए,
ग्रामीणों का नारा है कागजों में नहीं धरातल पर चाहिए हर घर जल मिशन योजना।
रिपोर्टर : आईबी सिंह
No Previous Comments found.