बोले- कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ कृषि अनुसंधान और विद्यार्थियों की शिक्षा पर दिया जाएगा जोर।
अयोध्या - मिल्कीपुर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज की प्रबंधन परिषद के सदस्य नामित होने के बाद गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह शनिवार को पहली बार विश्वविद्यालय पहुंचे। विश्वविद्यालय के गेट नंबर एक पर सुरक्षा अधिकारी रमेश प्रताप सिंह, कृष्णदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद अभय सिंह ने किसानों के हित, कृषि अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, कर्मचारियों की सुविधाओं और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।
प्रबंधन परिषद के सदस्य के रूप में नामित होने के बाद विश्वविद्यालय पहुंचे विधायक अभय सिंह ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय की भूमिका केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां होने वाला शोध और विकसित की जाने वाली कृषि तकनीक सीधे किसानों के जीवन से जुड़ी है। ऐसे में विश्वविद्यालय में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज तैयार करना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन में मदद मिल सके और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले। विधायक अभय सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिलने से वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। इसका लाभ अंततः किसानों, विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास के लिए सभी संबंधित लोगों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
अभय सिंह ने कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में होने वाले शोध का लाभ खेतों तक पहुंचना चाहिए। किसानों को ऐसी उन्नत किस्मों के बीज और कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे उनकी खेती को लाभकारी बनाने में मदद मिले। गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए विश्वविद्यालय को किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान और बीज विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए शिक्षा, शोध और किसानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि विश्वविद्यालय में विकसित होने वाली तकनीक और अनुसंधान के परिणाम कृषि क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकें।
विधायक ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलने चाहिए। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाएं तथा अपने देश, प्रदेश और जिले का नाम रोशन करें। उन्होंने शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और अनुसंधान को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जिससे वे कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को समझकर नए समाधान विकसित कर सकें।
विश्वविद्यालय परिसर में बातचीत के दौरान विधायक अभय सिंह से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने भाजपा की विचारधारा और नीतियों से प्रभावित होने की बात कही। अभय सिंह ने कहा, “जो राम और राष्ट्र के साथ है, हम उसके साथ हैं।” उनके इस बयान के बाद भाजपा की विचारधारा के प्रति उनके रुख की चर्चा रही।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय प्रदेश के कृषि शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े प्रमुख संस्थानों में शामिल है। ऐसे में प्रबंधन परिषद के नामित सदस्य के रूप में अभय सिंह की भूमिका को लेकर विश्वविद्यालय के विकास, किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार करने, कृषि अनुसंधान को प्रोत्साहन देने तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुविधाओं से जुड़ी अपेक्षाएं हैं। अब इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए परिषद के स्तर पर होने वाले प्रयासों पर नजर रहेगी।
रिपोर्टर - सुनील तिवारी

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