राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर योगी का सख्त बयान, बोले- SIT करेगी निष्पक्ष जांच
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहली बार अयोध्या पहुंचे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और राज्य सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा।
सीएम योगी ने अपने भाषण में इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 1857 के बाद अंग्रेजों ने युवाओं को दबाने की कोशिश की, लेकिन भारत की युवा शक्ति कभी झुकी नहीं। उन्होंने चौरी-चौरा और काकोरी जैसे आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेज ज्यादा समय तक टिक नहीं पाए और देश ने आजादी हासिल की।
अपने संबोधन में उन्होंने वीरांगनाओं को भी याद किया। झलकारी बाई, महारानी लक्ष्मीबाई और अवंतीबाई जैसी नायिकाओं के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इन महान व्यक्तित्वों के नाम पर कई योजनाएं और अभियान शुरू किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में तीन पीएसी यूनिट भी इन वीरांगनाओं के नाम पर गठित की गई हैं, जिनमें केवल महिलाओं की भर्ती सुनिश्चित की गई है।
राजनीतिक हमले तेज करते हुए योगी ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पहले कारसेवकों पर गोली चलवाने के आरोप लगते हैं, वही अब रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे विपक्ष का “दोहरे चरित्र” बताया।
राम मंदिर से जुड़े मामले पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी जांच गठित कर दी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और “दूध का दूध, पानी का पानी” सामने आएगा। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर अनावश्यक टिप्पणी से बचें।
विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद राज्य में बुनियादी सुविधाओं में बड़ा बदलाव आया है। गरीबों के लिए शौचालय निर्माण, राशन वितरण व्यवस्था और ग्रामीण विकास योजनाओं का विस्तार किया गया है।
अपने भाषण के अंत में योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में विकास की इच्छा शक्ति की कमी थी, जबकि वर्तमान सरकार जनहित और समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है।
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