SIT ने तैयार की 140 पन्नों की रिपोर्ट, ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अयोध्या छोड़ने पर रोक!

अयोध्या के भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर से एक ऐसी सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर आ रही है, जिसने देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था को गहरा धक्का पहुंचाया है! रामलला के चरणों में चढ़ने वाले चढ़ावे और दान की राशि में हुई चोरी के मामले ने अब एक महा-विस्फोट का रूप ले लिया है। इस मामले की जांच कर रही SIT ने जो खुलासे किए हैं, उन्हें सुनकर किसी के भी पैरों तले जमीन खिसक जाए। जांच इतनी आगे बढ़ चुकी है कि SIT ने 140 पन्नों की एक रिपोर्ट तैयार कर ली है और मंदिर ट्रस्ट के बड़े-बड़े पदाधिकारियों को बिना बताए अयोध्या छोड़ने पर बैन लगा दिया है। 

उधर, मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ तक पहुंच चुका है, जहां इस पूरे खेल की CBI और कैग से जांच कराने की मांग उठ खड़ी हुई है! SIT की पड़ताल में जो सबसे पहली और बड़ी गाज गिरी है, वो है स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर। दरअसल, राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों के मैनेजमेंट और बैंकिंग का पूरा जिम्मा SBI के पास था। बैंक का काम था नोटों को अलग करना, गड्डियां बनाना और उनकी गिनती करना। लेकिन बैंक ने क्या किया? उन्होंने खुद यह काम करने के बजाय वाराणसी की एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को इसका ठेका दे दिया। जहां उस प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ रसूखदार लोगों की सिफारिश पर अयोध्या के ही स्थानीय लड़कों को नोट गिनने के काम पर रख लिया। इसी भाई-भतीजावाद के चलते अनुकल्प मिश्रा नाम के एक शख्स ने अपने साले साहब, यानी लवकुश मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर नोट गिनने की नौकरी पर लगवा दिया। यानी जहां करोड़ों का चढ़ावा गिना जा रहा था, वहां बिना किसी कड़े बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के, सिर्फ जान-पहचान के दम पर लोगों को एंट्री दे दी गई! 

SIT ने जब मंदिर के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था और नोट गिनने वाले कमरों की जांच की, तो अधिकारियों ने अपना सिर पकड़ लिया। लापरवाही का आलम यह था कि ड्यूटी पर आने-जाने वाले कर्मचारियों की कोई तलाशी नहीं होती थी। कौन अपनी जेब में क्या लेकर आ रहा है और क्या दबाकर ले जा रहा है, इसे देखने वाला कोई नहीं था। हालांकि सभी कर्मचारियों के लिए एक सख्त ड्रेस कोड बनाया गया था और बकायदा उन्हें यूनिफॉर्म भी दी गई थी, लेकिन पहनता कोई नहीं था! लोग अपने घर के ढीले-ढाले कपड़ों में आते थे और नोटों के ढेर के बीच बैठ जाते थे। चोरी का तरीका ऐसा था जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। जब कर्मचारियों को नोट पार करने होते थे, तो वे चालाकी से सीसीटीवी कैमरे के बिल्कुल सामने जाकर खड़े हो जाते थे ताकि कैमरे का व्यू ब्लॉक हो जाए, और फिर पलक झपकते ही नोट गायब कर देते थे। 

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में राम मंदिर के सचिव से एक बंद कमरे में लगातार 3 घंटे तक बेहद तीखे सवाल-जवाब किए गए हैं। SIT ने साफ कर दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों, मंदिर के अधिकारियों और जांच के दायरे में आए किसी भी शख्स को बिना सूचना के अयोध्या छोड़ने की इजाजत नहीं है। शहर छोड़ने से पहले उन्हें SIT से परमिशन लेनी होगी। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कई सेवादारों और अधिकारियों की नौकरी जा सकती है और कुछ लोग जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंच सकते हैं। 

आपको बता दें बात यहीं तक सीमित नहीं है। सूत्रों का दावा है कि SIT अब सिर्फ दान के पैसों की हेराफेरी की जांच नहीं कर रही, बल्कि इसके साथ ही मंदिर ट्रस्ट द्वारा अलग-अलग फेज में खरीदी गई जमीनों और निर्माण सामग्री की खरीद-फरोख्त की भी कुंडली खंगाल रही है। वहीं इस पूरे सियासी और कानूनी घमासान के बीच, एक अच्छी बात यह है कि रामलला के दरबार में भक्तों के जोश और भीड़ में कोई कमी नहीं आई है। देश-विदेश से श्रद्धालु लगातार अयोध्या पहुंच रहे हैं और उनका कहना है कि इस विवाद से उनकी आस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ता, वे पहले भी दान करते थे और आगे भी करते रहेंगे क्योंकि उनकी श्रद्धा किसी इंसान से नहीं बल्कि साक्षात भगवान राम से है। 

हालांकि, जमीनी हकीकत यह भी है कि मंदिर के मुख्य दान काउंटरों पर पहले की तुलना में भारी सन्नाटा देखा जा रहा है। वहीं, अयोध्या के संतों का कहना है कि कुछ शरारती तत्व इस पूरे मामले को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाने की साजिश रच रहे हैं। कुल मिलाकर, अयोध्या के राम मंदिर में जो कुछ भी हुआ है उसने उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है और अब विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर बड़े एक्शन की तैयारी है। अब देखना यह होगा कि इस महा-पड़ताल में कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं, लेकिन फिलहाल अयोध्या का यह चोरी कांड पूरी तरह से गरमा चुका है और आने वाले दिन और भी ज्यादा गंभीर होने वाला है!

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