मुख्यमंत्री जी सहसबान में न्यायालय के आदेश को भी नहीं मानते हल्का लेखपाल व कानूनगो कब्जा करा कर भूमाफियाओं को करा देते हैं अवैध निर्माण।

चकबंदी अधिकारी आदेश दिनांक 04.07.2024 व 10.10.2024 के विरुद्ध दिनांक 04.12.2024 को तहसील के हल्का लेखपाल ज्ञानेन्द्र व कानूनगो रियाजुददीन के द्वारा गाटा सं० 880 व 881 में पश्चिम दिशा में कराये गये अवैध कब्जा व निर्माण की पुनः चकबन्दी नियम 109 व राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा जांच कराकर विधि विरुद्ध कराये गये अवैध कब्जे को हटवाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र । सहसवान तहसील क्षेत्र के ग्राम मचौना की मड़ैया रक्वा खैरपुर खैराती परगना व तहसील सहसवान के पूर्व गाटा सं० 502 मि० 1.251 हे० 8 खातों में विभाजित था। जिसमें खात्ता सं० 209 के गाला सं० 502/2 रकवा ०. 860 के 1/8 भाग का बैनामा सुमित्रा देवी पत्नी ईश्वरी सिंह से दिनांक 26.01.1993 को व द्वितीय बैनामा गाटा सं0 502/2 रकवा 0.860 हे0 का 1/8 भाग का बैनामा शमशुल कमर द वजीरूल कमर पुत्रगण श्री मोहम्मद इब्राहीम से दिनांक 28.04.2000 को व तृतीय बैगामा गाठा सं० 502/2 रकबा 0. 860 हे0 का 1/8 नाग का बैनामा नुखराम पुत्र श्री जोरावर से दिनाक 08.06.2001 को तीनों विक्रेताओं से प्रार्थी के पिता रईस अहमद पुत्र श्री महमूद हसन निवासी नसरुल्लागंज के द्वारा कय की गयी थी। गाटा स0 502 में विक्रेता सुमित्रा देवी व शमशुल कमर की भूमि पश्चिम दिशा में पक्की सड़क के किनारे थी। जिस पर बैनामा की दिनांक से प्रार्थी काबिज है तथा जिसकी चाहरदीवारी कर दी गयी थी तथा विक्रेता मुखरान की भूमि मुखराम के भाई रतिराम के पश्चिम दिशा में पक्की सड़क किनारे स्थित थी। जिस पर प्राथी के पिता द्वारा बैनामा दिनांक 08.06.2001 को कब्जा लेने के बाद चाहरदीवारी कर दी गयी थी। जिस पर अपने जीवन काल में विकेता रईस अहमद काबिज रहे। उनकी मृत्यु के बाद मृतक के उत्तराधिकारी प्रार्थीगण काबिज है। प्रतिवादी कमलेश पत्नी भूप सिंह व मायावती पत्नी शोभारान के द्वारा गाटा सं0 502/2 रकवा 0.215 हे० खाता सं० 228 के खातेदार मोहम्मद आलम पुत्र शहजाद खां से दिनांक 06.04.2004 को बैनामा द्वारा रतीराम की मक्की दुकानों से पूरब दिशा में खरीदी थी। जिसको गाटा सं0 502/2 रकबा 0.215 हे0 में से 0.050 हे० का बैनामा कमलेश पत्नी भूप सिंह व मायावती पत्नी शोभाराम के द्वारा केती श्रीमती सावित्री देवी उर्फ श्रीदेवी पत्नी चौब सिंह निवासी नयागज के नाम दिनाक 01.07.2009 को रतीराम की दुकानों के पूरब में विक्रय की गयी थी। जिस पर सावित्री देवी के द्वारा पक्की चाहरदीवारी कर दी गयी थी तथा सावित्री देवी के पूरब दिशा ने प्रेमवती पत्नी बालकेश को गाटा सं० 502/2 रकवा 0.21580 में से 0.066 हे० भूमि बिना बैनामा के कमलेश पत्नी भूप सिंह व मायावती पत्नी शोभाराम के द्वारा विक्रय कर दी गयी थी। जिस पर प्रेमवती पत्नी बालकेश का पक्का मकान बना हुआ है च तृतीय प्लाट गाचा सं० 502/2 रकवा 0.215हे0 में से 0.021 80 भूमि कमलेश पत्नी भूप सिंह व मायावती पत्नी शोभाराम के द्वारा प्रेमा देवी पत्नी चन्दन को बिना बैनामा के विक्रय कर दी गयी। जिस पर पक्का मकान प्रेमा देवी पत्नी चन्दन द्वारा बना लिया गया है तथा गाटा सं० 502/2 रकवा 0.215 है० की शेष भूमि उपरोक्त विकीत भूमि के गाटों के सानने तथा पक्की सडक के बराबर खाली पड़ी है। ग्राम में चकबन्दी प्रक्रियाओं के चलते गाटा सं० 602 मि० में आबादी होने के कारण चकबन्दी से पृथक किया गया था। किसी लिपिकीय व गणितीय त्रुटि के कारण गाटा सं० 502मि० में बटे बन गये। जिसमे बटा 1 में प्रार्थी व प्रार्थी के खातेदारों के साथ मायावती पत्नी शोभाराम व कमलेश पत्नी भूप सिंह का नाम दर्ज हो गया तथा बटा 2 प्रार्थीगणों के सहखातेदारों के साथ दर्ज हो गया व बटा 3 सडक पुख्ता के नाम दर्ज हो गया व गाटा सं0 502/4 राममोसे व खेतल पुत्रगण कुन्दन निवासी मोहिउदवीपुर के नाम वर्ज हो गया। गाटे में अलग अलग बटे बनने से खातेदारों के नाम एक दूसरे के बटो में चले गये। जो बैनामा द्वारा किये गये कब्जों के विपरीत थे जबकि सभी खातेदार अपने अपने चैनामों द्वारा कय की गयी भूमि पर काबिज थे। प्रार्थी व प्रार्थी के सहखातेदारों द्वारा बैनामों के आधार पर किये गये कब्जे के विरुद्ध अभिलेख त्रुटिपूर्ण होने के कारण अभिलेखों को कब्जे के अनुसार शुद्ध करने हेतु न्यायालय चकबन्दी अधिकारी सहसवान के न्यायालय में वाद योजित किया गया। जिसमें चकबन्दी अधिकारी महोदय द्वारा सहायक चकबन्दी अधिकारी महोदय से स्थलीय व अभिलेखीय आख्या चाही गयी तथा वादी प्रतिवादीगणों को साक्ष्य का अवसर देकर सुना गया। गाटा सं० 502मि० में किये गये बैनागों का अवलोकन किया गया। स्थलीय आख्या ॥ बैनामा के अनुसार खातेदारों के पूर्व में त्रुटिपूर्ण घटी को निरस्त करके पुनः बैनामा तथा करने के आधार पर बटा का पुन निर्धारण किया गया और प्रार्थी की बैनामा द्वारा कय की गयी भूमि को पूर्व कब्जे के अनुसार अभिलेखों में शामिल कर लिया गया तथा अब प्रतिवादी मायावती पत्नी शोभाराम व कमलेश पत्नी भूप सिंह को बैनामा द्वारा कय की गयी भूमि पर अभिलेखों को शुद्ध करते हुए पुनः स्थापित कर दिया गया। चकबन्दी अधिकारी द्वारा अपने आदेश दिनाक 04.07.2024 को स्थल पर बैनामा द्वारा दादी प्रतिवादी के कब्जे के अनुसार बटे दर्ज कर दिये गये तथा गाटे में खातेदारों के मध्य स्पष्ट रूप से दिशाओं का उल्लेख करते हुए आदेश को स्पष्ट किया गया है। चकबन्दी अधिकारी द्वारा केवल अभिलेखों को दुरूस्त किया गया है तथा चकबन्दी अधिकारी द्वारा चकबन्दी बाहर गाटे में चक परिवर्तन की कोई कार्यवाही नहीं की गयी है और ना ही कोई यक संशोधन तालिका तैयार की गयी है। चकबन्दी अधिकारी आदेश दिनांक 04.07.2024 के अनुपालन में नियम 109 के माध्यम से दिनांक 10.10.2024 को अभिलेखों में शुद्ध अनुपालन किया गया है तथा दिनांक 10.10.2024 को चवाबन्दी अधिकारी द्वारा माटा सं० 880 प्रार्थीगणों सहखातेदारों के नाम दक्षिण दिशा व गाटा सं० 881 में प्रार्थी का नाम सहखातेदारों के साथ 0.062 हे० में पश्चिम दिशा में व कमलेश पत्नी भूप सिह च मायावती पत्नी शोभाराम का नाम यथास्थान बैनामा के अनुसार गाटा सं० 881 रकबा 0.126 हे० पूरब दिशा में व गाटा सं० 882 रकबा 0.089 है० पूरब दिशा में कुल रकवा 0.215 हे० यथास्थान बैनामा के अनुसार दर्ज किया गया है तथा तहसीलदार द्वारा दिनांक 07.12.2024 को विक्रेता कमलेश पत्नी भूप सिंह व मायावती पत्नी शोभाराम का नाम गाटा सं० 881 रकवा 0.050 हे० से खारिज करके क्रेती सावित्री देवी उर्फ श्रीदेवी पत्नी चौब सिंह निवासी नयागंज के नाम बैनामा रजिस्ट्री सं0 2320/2009 दिनांक 01.07.2009 के आधार पर दर्ज किया गया है। तहसील के हल्का लेखपाल ज्ञानेन्द्र व कानूनगो रियाजुददीन के द्वारा उपरोक्त तथ्य को स्पष्ट होते हुए भी चकबन्दी अधिकारी आदेश दिनाक 04.07 2024 व 10.10.2024 व तहसीलदार महोदय के नामांतरण आदेश दिनांक 07.12.2024 के विरूद्ध स्थल पर दिनांक 13.12.2024 को मायावती पत्नी शोभाराम व कमलेश पत्नी भूप सिंह को गाटा सं० 881 में पश्चिम दिशा में 0.126 हे० पर कब्जा करा दिया जबकि चकबन्दी अधिकारी आदेश में मायावती व कमलेश का नाम बैनामा के यथारथान गाटा सं० 881 के पूरब में दर्ज किया गया था तथा तहसीलदार महोदय ने गाटा सं० 881 में 0.050 हे० बैनामा यथास्थान दर्ज किया था। प्रतिवादी की भूमि गाटा सं० 881 व 882 में है। जिसमें प्रतिवादी द्वारा कराये गये बैनागों के आधार पर केलागण काबिज है। फिर भी विधि विरूद्ध रूप से हल्का लेखपाल व कानूनगो के द्वारा प्रार्थी की भूमि बैनामा दिनांक 08.06.2001 को कय की गयी भूमि पर जबरजस्ती कब्जा करा रहे है। तहसीलदार महोदय के नामांतरण आदेश दिनांक 07.12.2024 के बाद प्रतिवादी की भूमि गाटा सं० 881 में 0.076 हे० शेष बचती है। जिसमें पहले से ही आबादी बनी हुई है। जो प्रतिवादी कमलेश व मायावती के द्वारा बिना बैनामे के विक्रय की गयी है। शेष भूमि सडक किनारे खाली पड़ी है। उपजिलाधिकारी के न्यायालय से ठियाबन्दी धारा 24 में कोई आदेश पारित नहीं किया गया है और ना ही चकबन्दी अधिकारी द्वारा चक संशोधन धारा 21 सीएच एक्ट का आदेश पारित हुआ है। अपितु आदेश दिनांक 04.07.2024 4 10.10.2024 अभिलेख शुद्धिकरण का था। फिर भी राजस्व के हल्का लेखपाल ज्ञानेन्द्र व कानूनगो रियाजुददीन द्वारा कानून को तांक पर रखकर स्थल पर कमलेश पत्नी भूप सिंह व मायावती पत्नी शोभाराम को वैनामा से अधिक बेशकीमती भूमि पर भूमाफियाओं को कब्जा करा दिया गया है। जिससे प्रार्थी को भारी क्षति है। जिसकी भरपाई जीवन पर्यन्त नहीं हो सकेंगी। चकबन्दी नियम 109 व राजस्व की संयुक्त टीम के द्वारा जांच कराकर न्यायालय के आदेश गंभीरता पूर्वक लेते हुए प्रार्थी की बेनामा वाली भूमि को वापस दिलाया जाना न्यायहित में अति आवश्यक है। रिपोर्टर मोहम्मद जावेद

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