अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संपन्न हुआ 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान ।

बदायूँ आज दिनांक 8.3.2026 को जनपद बदायूं के ब्लॉक उसावां के ग्राम शिम्भू नगला के उच्च प्राथमिक विद्यालय मे समग्र विकास संस्थान के तत्वावधान में क्राई- चाइल्ड राइट्स एंड यू के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया! कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संस्था की गर्वनिंग बॉडी की सदस्य श्रीमती सुखदेवी जी , विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित श्रीमती कमलेश (आंगनबाडी कार्यकत्री ) , विद्यालय की प्रधान अध्यापक श्री नजीम जी तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था के अध्यक्ष श्री राजकुमार शर्मा जी का सर्वप्रथम बैज पहनाकर स्वागत किया गया! कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्रीमती सुखदेवी जी ने उपस्थित सदस्यों के साथ जानकारी देते हुए बताया कि जन्म से लेकर और मृत्यु तक का जीवन औरत दूसरों के लिए समर्पित कर देती है, उसकी अपनी पहचान कहीं ना कहीं दबी रह जाती है! पहले वह किसी की मां फिर किसी की पत्नी, फिर किसी की बहू तथा अंत में किसी की दादी और नानी के नाम से जानी जाती है! महिला को अपनी पहचान बनाने के लिए आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है जिसके लिए शिक्षा एकमात्र माध्यम है! कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं श्री राजकुमार शर्मा जी ने समाज में महिला और पुरुष को समान दर्जा देने के बारे में बताया कि आज के दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी जिसका कारण है कि प्राचीन समय में महिला श्रमिकों को कार्य के घंटे के आधार पर वेतन नहीं दिया जाता था, महिलाओं को वोट डालने का अधिकार नहीं था! अपने इन्हीं अधिकारों को लेने के लिए महिला श्रमिकों ने एक मुहिम शुरू की जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया गया और उस दिन को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा! संस्था की साथी बुशरा ने उपस्थित सभी सदस्यों को महिला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाए जाने के कारण के इतिहास पर विस्तार पूर्वक अपनी जानकारी साझा की! कार्यक्रम में उपस्थित संस्था कार्यकत्री पिंकी जी ने घरेलू हिंसा पर बात करते हुए महिलाओं को अपने हक व अधिकारों के प्रति जागरूक होने के बारे में बताया तथा घर,परिवार में होने वाली सामाजिक, मानसिक भावनात्मक तथा शारीरिक हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर प्रेरित किया! अगले क्रम में संस्था टीम से श्रीमती नवनीत जी ने दहेज प्रथा कानून पर जानकारी देते हुए बताया कि इस कानून के तहत 5 वर्ष की सजा व 15000 रूपये तक का जुर्माना है इसलिए ना ही कोई सदस्य दहेज लेने की मांग करें और ना ही कोई सदस्य अपनी तरफ से दहेज देने का प्रोत्साहन करें। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए संस्था की सदस्य कु०अंकना ने बाल विवाह पर जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़की की शादी कम से कम 18 वर्ष और लड़के की शादी कम से कम 21 वर्ष की उम्र में करनी चाहिए, यदि कानून का उल्लंघन किया जाता है तो शादी में शामिल होने वाले सभी परिवार के सदस्यों, बारातियों, टेंट वाले तथा हलवाई आदि को जुर्माना व सजा का प्रावधान किया गया है ! कार्यक्रम के अगले क्रम में श्रीमती साक्षी ने बालिका शिक्षा पर जानकारी देते हुए बताया गया कि समाज में व्याप्त सभी विषमताओं तथा कुप्रथाओं को दूर करने का एकमात्र साधन शिक्षा ही है इसलिए सभी अपनी बालिकाओं को शिक्षित करें! कार्यक्रम का संचालन संस्था के फैसिलिटेटर हीरेंद्र जी द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम में मो० अयान खांन, विशाल दीक्षित उमराय सिंह, गौरव कुमार, कैलाश कुमार ,सुशांत ,संगीता ,प्रदीप का मुख्य योगदान रहा तथा गांव के लगभग 144 महिला, पुरुष तथा किशोरियां उपस्थित रहीं।

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