FSDA का महाऑपरेशन नकली दवाओं के अंतरजनपदीय रैकेट का भंडाफोड़
बदायूं : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने उत्तर प्रदेश में नकली (स्प्यूरियस) और काउंटरफीट दवाओं के एक बहुत बड़े अंतरजनपदीय सिंडिकेट (Inter-State Syndicate) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ और वाराणसी में एक साथ छापेमारी की है।
इस संयुक्त महाऑपरेशन के दौरान करीब 26.6 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध नकली दवाएं जब्त की गई हैं; साथ ही रैकेट से जुड़े दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों जिलों में गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
1. आलमबाग बस स्टेशन पर पकड़ा गया नकली दवाओं का जखीरा
एफएसडीए की टीम ने 6 जुलाई की रात लखनऊ के आलमबाग मेट्रो व बस स्टेशन के पास घेराबंदी कर एक गत्ते के कार्टन से भारी मात्रा में संदिग्ध जीवनरक्षक दवाएं बरामद कीं।
बरामद कार्टन से टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स के नामचीन ब्रांड चाइमोरल फोर्ट (Chymoral Forte) की 4,800 टैबलेट और रिलैक्स फार्मास्यूटिकल्स के ब्रांड गुडसेफ प्लस (Goodsafe Plus) की 2,940 टैबलेट जब्त की गईं, जिनकी बाजार में कीमत करीब 1.60 लाख रुपये है।
असली उत्पाद से मिलान करने पर गुडसेफ प्लस की पैकिंग और स्ट्रिप्स पर कई प्रिंटिंग त्रुटियां मिलीं, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह दवाएं पूरी तरह नकली थीं। मौके से वाराणसी निवासी आरोपी विमल कुमार सिंह को गिरफ्तार कर आलमबाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
2. वाराणसी में छापा, 25 लाख की दवाएं सीज
विमल कुमार से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर FSDA और पुलिस की संयुक्त टीम ने वाराणसी के मडुवाडीह थाना क्षेत्र स्थित 'न्यू सर्जिकल' (चौधरी कटरा) पर तत्काल छापा मारा। दुकान से बिना लाइसेंस के अवैध रूप से भंडारित की गईं करीब 25 लाख रुपये की एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं; टीम ने 12 संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए और दुकान संचालक संदीप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। संदीप ने कबूला कि वह यह माल प्रयागराज के संजय सिंह चौहान और वाराणसी के गौरव शर्मा से बिना बिल के खरीदता था।
3. लखनऊ में 18 ड्रग इंस्पेक्टरों की महारेड; 12 फर्मों पर ताला लखनऊ में दवा माफियाओं की रीढ़ तोड़ने के लिए 6 और 7 जुलाई को 18 ड्रग इंस्पेक्टरों की एक संयुक्त टीम बनाई गई; टीम ने अमीनाबाद दवा मंडी, ट्रांसपोर्ट नगर सहित अन्य क्षेत्रों में 25 दवा फर्मों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान महालक्ष्मी ट्रेडर्स, जय श्री महाकाल फार्मास्यूटिकल्स, भगवती एंटरप्राइजेज, न्यू बाबा फार्मा, ट्रेडमेड इंडिया, आरजी फार्मा, दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स और श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी जैसी बड़ी फर्में रडार पर आईं।12 फर्मों का संचालन रोका: निरीक्षण के दौरान कई स्टोर दवाओं की खरीद-बिक्री के वैध रिकॉर्ड नहीं दिखा सके, जिसके चलते 12 फर्मों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई और ₹1.77 लाख की दवाओं की बिक्री बैन कर दी गई।नामी ब्रांड्स और लाइफ सेविंग ड्रग्स जांच के दायरे में
इस विशेष अभियान के तहत ल्यूपिन, ग्लेनमार्क और मैनकाइंड जैसी नामी कंपनियों की तेजी से बिकने वाली दवाओं— हेपामर्ज, लिबेरा-500, ग्लाइमस्टार (M-1, M-2, PM-1, PM-2), टेल्मा-एएम और टेल्मा-एच के 52 संदिग्ध नमूने एकत्र कर लैब भेजे गए हैं।विभाग इस इनपुट पर भी गहनता से काम कर रहा है कि कहीं एक्सपायरी दवाओं की री-लेबलिंग (दोबारा नया लेबल लगाना), फिजिशियन सैंपल की अवैध बिक्री या सरकारी अस्पतालों की दवाओं की ब्लैक मार्केटिंग तो नहीं की जा रही है। पूरे सप्लाई चेन को खंगाला जा रहा है और दोषियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कोर्ट में केस चलाया जाएगा।विष्णु यादव प्रदेश महा सचिव ABPA (अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन): उतर प्रदेश ।
रिपोर्टर : शमसुल हसन अंसारी
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