विश्व फार्मासिस्ट - सिर्फ "दवा देने वाला" समझने की सोच को बदलना है।
बदायूं - अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन शाखा जिला बदायूं के बैनर तले मुख्य अतिथि लव कुश प्रसाद ड्रग इंस्पेक्टर बदायूं की अध्यक्षता में बड़ी धूमधाम से अंबेडकर पार्क में मनाया गया। इस साल 2026 की थीम है "Empowering pharmacists for healthier futures" - मतलब फार्मासिस्ट को सशक्त बनाकर बेहतर भविष्य बनाना है। एक युद्ध नशे के विरुद्ध पर ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि नशे की लत इंसान के अंदर अनेक प्रकार की होती है चाहे वह पैसे की हो सकती या कुछ पढ़ाई-लिखाई कर आईपीएस, पीसीएस की हो सकती है यहां पर इंसान के नशे की है फार्मासिस्ट को आने वाले ग्राहक को तुरंत समझ जाना चाहिए कि नशे की किस उद्देश्य से लेने आया है जैसे कोरेक्स की बोतल एक बार में पीता है तो वह नशा करेगी और अगर एक ढ़क्कन पीता है तो बीमारी को दूर करेगी नशे की दवा डॉक्टर की बिना पर्ची पर नहीं दी और एक रजिस्टर पर उसके आधार कार्ड नंबर लिख लिया जाए अगर मरीज कितना भी जिद या झगड़ा करे नशे की दवा विना डॉक्टर के पर्चे के नहीं दी बल्कि तुरंत पुलिस को और ड्रग इंस्पेक्टर को सूचित किया जाए। शमसुल हसन अंसारी मंडल उपाध्यक्ष ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा
मनाने के 4 बड़े उपयोग:
1. लोगों को जागरूक करना: डॉक्टर के बाद सबसे आसानी से मिलने वाला हेल्थ एक्सपर्ट फार्मासिस्ट ही है। दवा कैसे लेनी है, गलत दवा से कैसे बचना है, ये जानकारी देना।
2. हेल्थ सिस्टम को मजबूत करना: FIP कहता है जब फार्मासिस्ट को पूरी ट्रेनिंग के साथ काम करने दिया जाता है, तो दवाओं का उपयोग ज्यादा सुरक्षित होता है और अस्पतालों पर बोझ कम होता है 1584 हरिकृष्ण ने अपने वक्तव्य में कहा 3. सरकार पर दबाव बनाना: इस दिन के जरिए ये मांग उठती है कि सरकारें कानून, फंडिंग, और पढ़ाई में फार्मासिस्ट को ज्यादा सपोर्ट दे 8530
4. फार्मासिस्ट का सम्मान: भारत में 1 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट दिन-रात काम करते हैं, पर अक्सर उनका काम दिखता नहीं। ये दिन उनके योगदान को पहचानने का दिन है।
सिंपल में कहें तो - दवा सही है तो जान बचती है, और दवा को सही रखने वाला फार्मासिस्ट है।
सुशांत सिंह ने नशा खोरी पर प्रकाश डाला और कहा नशाखोरी से बचाने में फार्मासिस्ट सबसे पहली दीवार है, क्योंकि नशे की 70% दवाएं मेडिकल स्टोर से ही लीक होती हैं।
फार्मासिस्ट 5 तरह से जनता को बचा सकता है:
1. बिना पर्ची दवा न देना
Codeine वाली Cough Syrup, Alprazolam, Tramadol, Tapentadol, Nitrazepam जैसी दवाएं Schedule H1 और X में हैं। फार्मासिस्ट का काम है बिना डॉक्टर की सही पर्ची के इन्हें बिल्कुल न देना। एक बार मना कर दिया तो एक नया नशेड़ी बनने से रुक जाता है।
लोगों को सच बताना
ज्यादातर युवा सोचते हैं Corex / Iodex / Vicks से नशा सेफ है। फार्मासिस्ट काउंसलिंग में बता सकता है - इससे लीवर फेल, सांस रुकना और मौत तक हो सकती है। 2 मिनट की काउंसलिंग एक जिंदगी बचा देती है।
विकल्प और मदद देना
नशा छोड़ने वाले को डांटना नहीं, नशा मुक्ति केंद्र, हेल्पलाइन 14446, सरकारी अस्पताल के मनोचिकित्सक तक पहुंचाना। फार्मासिस्ट दवा के साथ-साथ सही जगह का पता भी दे सकता है। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर मौजूद रहे फार्मासिस्ट वेद प्रकाश, शिवम सैनी, सर्वेश यादव,शरद कश्यप, शिवम कुमार,गौरव, विजेन्द्र, अमित यादव, सचिन आदि।
संवाददाता - शमसुल हसन अंसारी

No Previous Comments found.