व्यावसायिक वाहन चालकों को बड़ी राहत,अब जनपद में ही जारी होंगे वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र

बदायूं : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार (मोर्थ) ने वाहनों की फिटनेस जांच संबंधी कार्य ऐसे जनपद जहां पर एटीएस (आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन) की स्थापना नही है। उन जनपद में वाहनों के फिटनेस का कार्य संबंधित जनपद के परिवहन अधिकारियों के माध्यम से किया जायेगा वर्तमान में जनपद बदायूं के वाहनों की फिटनेस बरेली में स्थापित निजी ए.टी.एस. केंद्र के द्वारा की जा रही थी। उत्तर प्रदेश में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी परिवहन व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश में भी मोर्थ के गाइड लाइन के क्रम में एटीएस की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 26 जनपदों में 31 एटीएस क्रियाशील हैं, जिसके माध्यम से वाहनों की फिटनेस की जांच सुनिश्चित की जा रही है।17 नवम्बर, 2025 से ऐसे जनपद जहां एटीएस की स्थापना प्रक्रिया में है। वहां के वाहनों के फिटनेस की जांच निकटम जनपदों में स्थापित एटीएस के माध्यम से की जा रही है। ऐसे में उन जनपदों के वाहन स्वामियों को कार्यरत एटीएस वाले जनपदों में जाना पड़ रहा था, जिससे कि उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में मोर्थ द्वारा जारी नई गाइडलाइन से वाहन स्वामियों को अपने जनपद में ही फिटनेस कराने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कि वाहन स्वामियों को अनावश्यक खर्च नहीं करने होंगे और उनका समय भी बचेगा। श्री हरिओम सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है कि नई गाइडलाइन का लाभ वाहन स्वामी सीधा उठा सकेंगे।

वाहन स्वामियों की समस्या के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश द्वारा ऐसे जनपदों जहां अभी एटीएस निर्माणाधीन है या प्रारम्भ होने की प्रक्रिया में है, के अतिशीघ्र निर्माण पूर्ण कर उन्हें क्रियाशील किये जाने की टाइमलाइन बनायी गयी है। उन्होंने बताया कि 40 ऐसे जनपद हैं जहां पर एटीएस के निर्माण की कार्यवाही प्रक्रिया में है। जैसे ही उक्त जनपदों में एटीएस निर्माण की कार्यवाही पूर्ण होती है। उक्त जनपदों में मोर्थ की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना एवं पारदर्शी व्यवस्था को लागू करना है!

रिपोर्टर - राजीव सिंह

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