परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण एनीमिया को हटा दिया गया
बदायूं - स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) द्वारा हाल ही में जारी किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के फैक्ट शीट से 'एनीमिया' (खून की कमी) के अनुमानों को हटा दिया गया है। इसे लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।मामले की पूरी जानकारी और सरकार का पक्ष नीचे दिया गया है:नमूना लेने का तरीका (Testing Method): स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, NFHS-6 में हीमोग्लोबिन परीक्षण इसलिए नहीं किया गया क्योंकि पिछली बार अपनाए गए 'कैपिलरी ब्लड सैंपलिंग' (उंगली में प्रिक करके खून की बूंद लेने की विधि) तरीके को लेकर कुछ चिंताएं थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरीके से एनीमिया का स्तर अधिक (overestimate) आ सकता है।नया सर्वेक्षण (Diet and Biomarkers Survey): अब एनीमिया का सटीक और अधिक विश्वसनीय डेटा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के 'डाइट एंड बायोमार्कर्स सर्वे' (Diet and Biomarkers Survey) के माध्यम से जुटाया जाएगा, जिसमें शिरापरक रक्त (venous blood samples) का उपयोग किया जाता है।NFHS-6 पर विशेषज्ञों की चिंता: जानकारों का तर्क है कि NFHS-5 में यह आंकड़ा काफी अधिक (लगभग 67% बच्चों और 57% महिलाओं में) पाया गया था। एनीमिया डेटा के हटने से 'एनीमिया मुक्त भारत' (Anemia Mukt Bharat) जैसी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जमीनी सफलता को ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है।मंत्रालय का स्पष्टीकरण: स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फैक्ट शीट केवल डेटा प्रसार (data dissemination) का पहला चरण है और अभी विस्तृत राष्ट्रीय रिपोर्ट आना बाकी है। किसी भी प्रमुख संकेतक (indicators) को पूरी तरह से ड्रॉप नहीं किया गया है।
संवाददाता - शमसुल हसन अंसारी
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